बस्ती। 13.81 करोड़ रुपये के अन्त्येष्ठि घोटाले की जांच के लिए चार अफसरों की दो टीम बनाई गई। एक टीम में दो जिला स्तरीय अधिकारी हैं और प्रत्येक टीम को 23-23 स्थलों की जांच करने के निर्देश सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय की ओर से दिए गए हैं। दोनों टीमें को एक सप्ताह में सत्यापन रिपोर्ट देना है। अन्त्येष्ठि स्थल में हुए घोटाले के खबर को ‘अमर उजाला’ प्रमुखता से उठाता रहा है।
सीडीओ ने बताया कि सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद संबंधित सेक्रेट्री और प्रधान के विरुद्घ विधिक कार्रवाई के साथ निलंबन और धन की रिकवरी तक होगी। बताया कि वर्ष 2015-16 और 2016-17 के 46 अन्त्येष्ठि स्थलों की जांच कराई जा रही है। इससे पहले डीआरडीए के एई प्रदीप सिंह इसकी जांच कर चुके हैं, जिसमें घोटाला उजागर हुआ था।
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इन स्थलों की जांच करेगी पहली टीम
जिन 23 स्थलों की जांच जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी विकास एवं अवर अभियंता पीडब्लूडी निर्माण खंड एक बीके श्रीवास्तव करेंगे। उनमें रामनगर ब्लॉक के चंदोखा व परसोहिया, साऊंघाट के तेलियाडीह व बागडीह, गौर के रामापुर व कठौतिया सांवडीह, परशुरामपुर के नरायनपुर, कुसमौरडीह, हरिगांव, धोबही, बनगवांखास, नागपुर कुवंर, परवरपारा, नेउरीरामबक्श व दुफेड़ी, दुबौलिया के पकड़ी चौहान, भरूकहवा व छपिया, बनकटी के उमरी अहरा, खोरिया व बेलसुही, कप्तानगंज के अच्छतपुर एवं सल्टौआ ब्लॉक के ग्राम सल्टौआ गोपाल शामिल है।
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इन स्थलों की जांच करेगी दूसरी टीम
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अजय कुमार सिंह व अवर अभियंता पीडब्लूडी प्रांतीय खंड केके राय की टीम विक्रमजोत ब्लॉक के ग्राम अकला, मडना मांझा, अमोढ़ा, सोनबरसा, खेमराजपुर, चरथरी कथित, लखना, माझिलगांव व सेन्दुरिया मिश्र, हर्रैया के बांसगांव, महादेवा, रमया, उभाई, शम्भूपुर, जगदीशपुर व महेवा कुंवर, रामनगर के धोषण, खैरा, पटखौली पूरब, बड़ौगी, धवाय, सगराखास व नौवागांव शामिल हैं।