बस्ती। मंदिर व ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश में भिड़े कुछ लोगों ने घोलहा मंदिर के एक साधू को दो घंटे भुसौला में बंद रखा। काफी सिफारिश के बाद साधू को कमरे से आजाद कराया जा सका। नगर थानाक्षेत्र के इस प्रकरण में बुधवार को महंत श्रीधर दास ने एसपी संकल्प शर्मा से पूरा वाकया बताया तो वह दंग रह गए। बकौल एसपी मंदिर पर पुलिस पिकेट तैनात कर दिया। दो आरक्षी वहां 24 घंटे ड्यूटी करेंगे। किसी को भी ज्यादती की छूट नहीं दी जा सकती है।
श्रीधर दास का कहना है कि बाल गोविंद, जनार्दन आदि ने मंगलवार को मंदिर के एक साधू को भूसा रखने वाले कमरे में बंद कर दिया था। तहरीर के मुताबिक वह धमकी भी दे रहा था कि सब लोग अयोध्या भाग जाओ। रोपित किए गए तमाम पौधे भी उन सबने उखड़ कर फेंक दिया। सूचना पर नगर थाने की पुलिस पहुंची लेकिन तब तक वे भाग चुके थे। देर शाम नगर थाने में श्रीधर दास की तहरीर पर तीन बाल गोविंद, जनार्दन व दीप नरायन के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कराया गया। एसपी से मिलने पहुंचे गांव के तमाम लोगों ने बताया कि मंदिर का माहौल तनावपूर्ण है।
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कब्जा हटाने का अल्टीमेटम
25 जुलाई को प्रशासन ने डेवाडीहा ग्राम पंचायत में स्थित ग्राम समाज (गड्ढे) व मंदिर की जमीन से कब्जा हटवाया था, जिसमें शिवलिंग शामिल है। बावजूद इसके अभी बड़े भूखंड पर कब्जा कायम है। इसके लिए प्रशासन ने 14 दिन का अल्टीमेटम दिया है। एसपी का कहना है कि इस समयावधि में कब्जेदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाया तो नियमानुसार उनके खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। भू-माफिया भी घोषित किया जाएगा।