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Basti News: विश्नोई गैंग का गुर्गा बताने वाला बता रहा बस्ती के आसपास का रहने वाला

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बस्ती। खुद को कुख्यात विश्नोई गैंग का सदस्य बताने वाला शख्स अपने काे बस्ती के आसपास का रहने वाला बताता है। फोन पर उसने व्यापारी को बताया कि भाई दो-तीन बंदों को तुम्हारे पीछे भेजने वाले थे, मगर मैंने समझा लिया। कहा कि नीरज भाई को मुझे हैंडल करने दो, क्योंकि मैं भी उधर का ही हूं।
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हालांकि उसकी बातचीत का तौर-तरीका और बोली-भाषा पश्चिमी यूपी या दिल्ली-नोएडा वालों जैसी लगती है। मगर वह बनावटी भाषा बोल रहा है, इससे भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। पुलिस इन सभी पहलुओं पर काम करने के साथ ही व्यापारी व विश्व हिंदू परिषद गोरक्ष प्रांत बस्ती इकाई के जिला धर्म प्रसार प्रमुख नीरज गुप्ता से खुन्नस रखने वालों को भी खंगालने में जुटी है।
पुलिस को दी तहरीर में नीरज गुप्ता का कहना है कि वह जुलाई में अमरनाथ यात्रा पर गए थे। उसी दौरान 16 जुलाई को उनके पास पहली कॉल आई थी। उस दिन दो घंटे के भीतर कई बार धमकी वाले फोन आने से वह तनाव में आ गए थे। एक हफ्ते बाद फिर उसी अंदाज में रुपया मांगा जाने लगा। इसके बाद से सिलसिला चल पड़ा। आखिरी बार शनिवार को जब कॉल करके धमकी दी जाने लगी, तो वह काफी डर गए थे। इसके बाद पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
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बिना नंबर की कार ने व्यावसायी का कई बार किया पीछा

बस्ती। व्यावसायी से बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने के मामले में मिली तहरीर के आधार पर पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस ने व्यावसायी द्वारा बताए गए फोन नंबरों की जांच शुरू कर दी है। उधर 50 से अधिक अलग-अलग तरह के नंबरों से आई फोन कॉल को लेकर व्यावसायी भी काफी परेशान है। पुलिस को दी तहरीर में व्यावसायी नीरज गुप्ता ने बताया कि अमरनाथ यात्रा से लौटने के बाद घर से निकलने पर कई बार बिना नंबर की कार से उनका पीछा किया गया। कभी ओवरटेक करने और कभी आगे पीछे आने से वह बहुत डर गए। इससे लगातार मिल रही रंगदारी की धमकी की बात की पुष्टि हो गई। नीरज गुप्ता ने अपनी तहरीर में इस बात का भी जिक्र किया कि फोन करने वाले ने उन्हें रुपये भेजने के लिए सीधे तौर पर मिलने से मना कर दिया। यह भी मना किया गया कि उसके पास उसका आदमी भी नहीं आएगा।


गूगल-पे, फोन-पे से भेज दो रुपये
कॉल करने वाला बार-बार दबाव बनाता रहा है कि रुपये देने के लिए हां करो। व्यापारी ने कहा कि अभी काम धंधा नहीं चल रहा है। फिर भी किसी को भेज दो, जो हो पााएगा, दे देंगे। इस पर रंगदारी मांगने वाला गूगल-पे, फोन-पे से रुपये भेजने का दबाव बनाने लगा। बोला कि उसके पास कोई बंदा जाकर रुपये लेने वाला नहीं है। इसलिए रुपये यूपीआई से पेमेंट कर दो।

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स्पैम नंबर से करता है कॉल

चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक रंगदारी मांगने वाले ने जितने नंबरों से फोन कॉल की, उसमें से किसी भी नंबर पर कॉल बैक नहीं हो रही। ट्रू-कॉलर पर सभी नंबर स्पैम बताता है। उनमें से ज्यादातर नंबरों की लोकेशन मुंबई बता रही है।
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