- दुर्गा पूजा मेले में घूम रहे छुट्टा जानवर, श्रद्धालुओं को भागकर बचानी पड़ रही जान
- शोरगुल और भीड़ देख विचलित हो रहे गोवंश, श्रद्धालुओं को रगड़ते हुए लगा रहे दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर में दुर्गा पूजा समारोह अपने भव्यता पर है। इधर-उधर हर जगह दर्शनार्थियों की भीड़ है। पूरी रात सड़कों पर लोेगों का रेला चल रहा है। भजन, कीर्तन की धूम के बीच देवी गीतों की बौछार हो रही है। पंडाल- पंडाल दर्शन करते हुए ठसाठस भीड़ पैदल आगे बढ़ रही है। मगर इसमें खलल उत्पन्न कर रहे हैं छुट्टा जानवर। वह अचानक भीड़ को चीरते हुए दौड़ लगा रहे हैं, जिससे मेले में जगह-जगह भगदड़ मच जा रही है।
आजकल दिन ढलने के बाद शहर में वाहन के नाम पर बाइक और साइकिल चलना भी दुश्वार है। जहां देखो वहीं भीड़ है। हालांकि श्रद्धालुओं की भीड़ वाले क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पुलिस का पहरा है, मगर छुट्टा जानवरों को संरक्षित करनेे पर ध्यान ही नहीं दिया गया। सड़कों पर जैसे ही शोरगुल के बीच भीड़ का दबाव बढ़ रहा है, भारी भरकम काया वाले गोवंश विचलित हो जा रहे हैं। वह भीड़ को चीरते हुए झुंड के साथ दौड़ लगा रहे हैं। इस बीच उनके कोप का कोई भाजन न हो जाए, इसलिए लोग तितर-बितर होकर भाग रहे हैं। इस भगदड़ में महिलाएं, बच्चे रौंदे जा रहे हैं। इसकी आड़ में अश्लीलता भी खूब हो रही है। मनचले युवक महिलाओं की सुरक्षा के बहाने हरकत करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
मेले में इधर-उधर विचरण कर रहे गोवंश किसी की जान पर न बन आए, इसकी चिंता श्रद्धालुओं को खूब सता रही है। इनकी वजह से एक जगह भगदड़ मच रही है, तो दूर तक भीड़ अनियंत्रित हो रही है। भगदड़ देखकर दूर के श्रद्धालु किसी और अनहोनी की आशंका से सहम जा रहे हैं। बाद में जब पता चल रहा है कि यह उथल-पुथल छुट्टा जानवरों की वजह से है तब थोड़ा सुकून मिल रहा है।
टाउन क्लब के पास रात में मची भगदड़
गांधीनगर मार्ग पर दो दर्जन स्थानों पर भव्य देवी पंडाल सजाए गए हैं। कंपनीबाग से रोडवेज तक पूरी रात श्रद्धालु यहां पैदल चल रहे हैं। कंपनीबाग, महरीखांवा, टाउन क्लब के पास बनाए गए दुर्गा पंडाल दर्शनार्थियों का प्रमुख ठहराव हो गया है। यहां ठसाठस भीड़ रेंगते हुई नजर आ रही है। बृहस्पतिवार की रात मेला अपने उरूज पर था। टाउन क्लब के पास आस्था की भीड़ से विचलित हुए गोवंश तीन से चार की संख्या में श्रद्धालुओं के बीच कूद पड़े। तभी भगदड़ मच गई। करीब पांच सौ मीटर की दूरी में उथल-पुथल मच गई। स्थिति असामान्य सी हो गई। भगदड़ में किसी के हाथ से बच्चे की अंगुली छूट गई, तो कोई परिवार छोड़कर भागा। महिलाएं, बच्चे चिल्लाने लगे। कुछ उत्साही पुरुष स्थिति को जब समझे तो छुट्टा जानवरों से लोगों को दूर किया। तब जाकर स्थिति संतुलन में आई।
कंपनी बाग में भी मची अफरा- तफरी
कंपनीबाग से फव्वारा तिराहे के रात दस बजे श्रद्धालु तेजी के साथ तितर बितर होने लगे। दूर से देखने वाले लोग सहम गए। आवास विकास के मनमोहन ने बताया कि भगदड़ देख कुछ दूसरा ही कयास भीड़ लगाने लगी। हालांकि तुरंत पता चला कि छुट्टा जानवर भीड़ के बीच ही आपस द्वंद करने लगे, जिससे लोगों को भागना पड़ा।
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मंगल बाजार में भी बिगड़ रही स्थिति
मंगल बाजार सघन आबादी वाला क्षेत्र हैं। यहां दुर्गा पूजा उत्सव भी अपने रंग पर है। मगर छुट्टा जानवर मेले में खलल बन रहे हैं। भक्ति के आनंद में चल रहे लोगों की भीड़ में अचानक यह छुट्टा जानवर दौड़ने लग रहे हैं। पंचायती मंदिर के पास कुछ युवक सड़क के किनारे बैठे छुट्टा पशुओं पर ढेला फेंक दिए। इससे बौखलाएं पशु अचानक भीड़ में दौड़ने लगे। दक्षिण दरवाजा तक भगदड़ मची।
बोली महिलाएं- मेले में हो रही उद्दंडता
मेले में पहुंची कुछ महिलाएं छुट्टा पशुओं की वजह से मची भगदड़ में फंस गई। उनका कहना था सुरक्षा के बहाने कुछ अनजाने लोग भगदड़ का लाभ उठाकर अश्लील हरकत करने लगे। पहले मददगार समझकर कुछ नहीं बोले बाद में बात समझ में आई तो उन्हें डांट लगाई। तब जाकर वे लोग भागे।
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वाहन चालकों से पुलिस कर रही बदसलूकी
करूआ बाबा के पास देर शाम भीड़ बढ़ने के दौरान सुरक्षा में लगी पुलिस बाइक सवारों से बदसलूकी पर उतर आ रही है। बसंत कुमार ने बताया कि वह बाइक से पुरानी बस्ती जा रहे थे, पुलिस ने उन्हें रोककर देर तक परेशान किया। वह अपनी जरूरत बताए तो पुलिस बदमतीजी पर उतर आई। कुछ देर बाद मामला शांत हुआ।
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राज्यपाल और सीएम के आगमन पर सचेत हुआ था प्रशासन
सितंबर में राज्यपाल और अक्तूबर के शुरूआत में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन छुट्टा पशुओं को लेकर सचेत हुआ था। डीएम के निर्देश पर कुछ स्थानों से नगर पालिका की टीम ने छुट्टा पशुओं को पकड़कर गोशाला में संरक्षित किया गया था। दोनों वीआईपी के रूट चार्ट के मुताबिक जगह-जगह निगरानी रखी गई थी कि छुट्टा जानवर उनके मार्ग में प्रवेश न करें। मगर इस तरह की व्यवस्था वृहद रूप से मनाए जाने वाले दुर्गा पूजा समारोह के मद्देनजर नहीं की गई। इसका खामियाजा मेले में आने वाले लोग भुगत रहे हैं।
शहर से छुट्टा पशुओं को पकड़कर संरक्षित करने का अभियान लगातार चल रहा है। पशुपालकों की मनमानी की वजह से सड़क पर गोवंश दिखाई पड़ रहे हैं। सुबह जब भीड़ हटेगी तो इन्हें पकड़वाया जाएगा। पशुपालकों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद।