बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम विजय कुमार कटियार की अदालत ने 19 वर्ष पुराने दुष्कर्म के मामले में आरोपी आलोक कुमार गुप्ता को 10 वर्ष की कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश पांडेय ने अदालत को बताया कि मेंहदावल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसका ननिहाल कस्बा मेंहदावल में है। नाना की मौत की सूचना पर 2 जून 2004 को पूरे परिवार के साथ ननिहाल पहुंचे। यहां अंतिम संस्कार के बाद हम लोग अपने गांव चले गए, मगर मां व छह वर्षीय बहन ननिहाल में ही रुक गईं। 3 जून 2004 को लगभग 3 से 4 बजे के बीच बहन शौच के लिए बाहर गई, जहां गली में आलोक ने उसे दबोच लिया और दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर ग्रामीण दौड़े और नाबालिग पीड़िता को घर लाए। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में भेज दिया। अभियोजन की ओर से सात गवाहों ने कोर्ट में बयान दिया। इसके अलावा नाबालिग बालिका का न्यायालय में मजिस्ट्रेट ने बयान अंकित किया। मेडिकल रिपोर्ट व गवाहों के बयान के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी को सजा सुनाई।