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पॉक्सो में तीन को दस-दस साल का सश्रम कारावास

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नाबालिग को भगाने और दुष्कर्म के हैं दोषी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। न्यायाधीश ब्रजेश मणि त्रिपाठी की अदालत ने पॉक्सो के मामले में तीन को दस-दस साल की सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष शासकीय अधिवक्ता वंदना चौधरी व कमलेश चौधरी ने अदालत को बताया कि पीड़िता के पिता ने परशुरामपुर थाने में तहरीर देकर बताया था कि पांच अक्तूबर 2015 को उसकी 14 वर्षीय पुत्री स्कूल गई थी। शाम को लौटते समय घर के पास हैदरअली, इंतजारुल हक व अब्दुल कलाम ने उसे जबरदस्ती चार पहिया वाहन में बैठा लिया और लखनऊ लेकर चले गए। यहां उसे तीन दिन तक रखा। हैदरअली ने उसके साथ दुष्कर्म किया। तीन दिन बाद पीड़िता को जिले की सीमा में छोड़ दिया। अदालत ने हैदरअली को दुष्कर्म का दोषी पाया व अन्य आरोपियों को भगाने में मदद करने व पॉक्सो में दोषी माना। तीनों को दस-दस साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही हैदरअली पर 38 हजार व अन्य दोनों आरोपियों पर 23-23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इसे न अदा करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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