संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नगरीय क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों की सूरत बदलने के लिए कायाकल्प योजना शुरु की गई थी। लेकिन यह योजना स्कूलों को आधुनिक नहीं बना पा रही है। इस योजना से विद्यालय भवनों की मरम्मत, टाइलीकरण, चहार दीवारी, गेट, इंटरलॉकिंग आदि का काम होना है। यह विद्यालय शिक्षकों की कमी से भी जूझ रहे हैं। एकशिक्षकों व संसाधनों की कमी का फायदा निजी विद्यालय उठा रहे हैं। अभिभावक अपने पाल्यों को परिषदीय विद्यालयों के बजाय निजी विद्यालयों में दाखिला दिला रहे हैं।
नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नरहरिया, प्राथमिक विद्यालय राजा बाजार पुरानी बस्ती,प्राथमिक विद्यालय मुरलीजोत, प्राथमिक विद्यालय गोडिया नगर, प्राथमिक विद्यालय मिश्रौलिया कई विद्यालय किराये के भवन में चल रहे है। यहां बच्चों के बैठने के लिए ठीक से जगह नही है। न तो शौचालय की व्यवस्था है न ही बिजली पानी की । किराए के भवन में संचालित होने के कारण कायाकल्प योजना भी नही शुरू हो पाया। जिसके कारण इन स्कूलो में छात्रो की संख्या भी कम है। क्षेत्र के अधिकतर बच्चों निजी स्कूलों में नामांकन करा रहे है।
बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि 28 जून को स्कूल खुल रहा है। बच्चे स्कूल आने पर उनको कोई असुविधा नही होगी। जो स्कूल किराए के मकान में चल रहे उनको दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने के लिए मुख्यालय को पत्र लिख गया है।