रिश्तव लेकर अल्ट्रासाउंट सेंटर का लाइसेंसे जारी करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच के बीच स्वास्थ्य विभाग के एक लिपिक पर रुपये लेकर फिर से लाइसेंस पास कराने के आरोप से विभाग असहज हो गया है। इस पर सीएमओ ने कार्रवाई करते हुए उसे पद से हटा दिया है। इसकी पुष्टि भी सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने कर दी है।
डीएम अंद्रा वामसी के निर्देश पर अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी सेंटरों की जांच चल रही है। जांच में अब तक 16 अल्ट्रासाउंड सेंटर व 12 पैथोलॉजी सेंटर सील किए जा चुके हैं। जांच में तमाम ऐसे सेंटर मिले थे, जहां चिकित्सक अल्ट्रासाउंड नहीं करते पाए गए थे। यही हाल पैथोलॉजी सेंटरों का भी था। यहां अप्रशिक्षित जांच कर रिपोर्ट बताते थे। इन स्थितियाें को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सेंटरों को सील कर नोटिस जारी किया था।
इसके बाद यह निर्देश हुआ कि जिन सेंटरों पर चिकित्सक हैं वह विभाग में उपस्थित होकर अल्ट्रासाउंड के पक्ष में बयान दें। इसके बाद विभाग में इन सेंटरों के लोग लाइसेंस बहाल कराने के लिए भाग दौड़ करने लगे। सेटिंग गेटिंग का खेल शुरू करने का ताना बाना यहीं के एक लिपिक ने बुना। उसने तीन सेंटरों की फाइल भी जमा कर उसका लाइसेंस बहाल कराने की कोशिश शुरू कर दी।
इसी बीच सीएमओ के पास लिपिक की किसी ने रुपये लेनदेन की शिकायत कर दी। इस शिकायत को सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया। इसकी भनक लगते ही सीएमओ ने शुक्रवार की देर रात लिपिक पर कार्रवाई करते हुए उसे पटल से हटा दिया। सीएमओ डॉ. आरएसस दुबे ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। इसकी जांच कराई जा रही है। शिकायत के आधार पर लिपिक को हटा दिया गया है। उसके स्थान पर दूसरे लिपिक की तैनाती सोमवार को कर दी जाएगी।