आयुष्मान कार्ड बनाने में लापरवाही पर समाप्त होगी संविदा
बस्ती। पंचायत सहायकों की ओर से ग्राम पंचायतों में लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। इसमें लापरवाही बरतने पर पंचायत सहायकों को संविदा समाप्ति तक की कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है। पंचायत राज विभाग के अनुसार शत प्रतिशत लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। यह शासन की सर्वोच्चय प्राथमिकता में शामिल है।
जिले में करीब 1,235 ग्राम पंचायतें हैं। ग्राम पंचायतों में 2011 की जनगणना सूची के जरिए चयनित लाभार्थियों, अंत्योदय कार्ड धारक परिवार के सदस्यों और पंजीकृत श्रमिकों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। पंचायत सहायकों को 18 अक्तूबर को डीएम प्रियंका निरंजन ने निर्देश दिए थे कि कोटेदारों और आशा कार्यकर्ताओं से समन्वय स्थापित कर लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनवाएं। पंचायत राज विभाग कार्ड बनाने का प्रशिक्षण पंचायत सहायकों को दे चुका है। डीपीआरओ नमिता शरण ने बताया कि 263 पंचायत सहायकों को आयुष्मान कार्ड बनाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
प्रशिक्षित कर्मियों को बायोमेट्रिक डिवाइस दी जा चुकी है। वे इस डिवाइस की मदद से लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बना रहे हैं। बताया कि 744 अन्य पंचायत सहायकों का लाभार्थी पहचान प्रणाली (बीआईएस) पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा चुका है। इनके लिए बायोमेट्रिक डिवाइस खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में आयुष्मान कार्ड बनाना शुरू हो जाएगा।
पांच पंचायत सहायकों की खतरे में संविदा
ग्राम पंचायतों में आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की समीक्षा बुधवार को डीपीआरओ नमिता शरण ने की। इसमें पांच ग्राम पंचायतें यथा मुरादपुर, रसूलपुर, भीटा, घुरनपुर व ढेल्हूपुर के पंचायत सहायकों की ओर से अंत्योदय कार्ड धारकों का एक भी कार्ड नहीं बनाया गया मिला। डीपीआरओ ने बताया कि पांच पंचायत सहायकों की तरफ से पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती जा रही है। उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अन्यथा की दशा में संविदा समाप्ति की कार्रवाई शुरू की जाएगी।