फाल्ट ठीक करते समय करंट से संविदा लाइनमैन की मौत
बस्ती। शहर के बड़ेवन उपकेंद्र पर तैनात संविदा लाइनमैन की शुक्रवार देर शाम फाल्ट ठीक करते समय करंट से लगने से मौत हो गई। वह गिदही बिजलीघर यार्ड के बाहर 33 केवी लाइन का फाल्ट दुरूस्त करने के लिए खंभे पर चढ़ा था। हादसे की वजह खंभे से पैर फिसलना बताया जा रहा है। जबकि उसकी पत्नी ने करंट लगने से मौत होने का आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को बारिश के कारण शाम करीब 4:30 बजे बड़ेवन उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फाल्ट आ गया। उसे ठीक करने मड़वानगर निवासी 40 वर्षीय राजेंद्र चौधरी, अवर अभियंता अवनीश गुप्ता, सरकारी लाइनमैन सुनीत तिवारी और संविदाकर्मी संजय के साथ गिदही पहुंचे थे। फाल्ट दूर करने के लिए लाइनमैन राजेंद्र सीढि़यों के सहारे खंभे पर चढ़ना शुरू कर दिए। सीढ़ी छोटी पड़ गई तो वह बिना सीढ़ी के चढ़ने लगे। इसी बीच उनका पैर फिसल गया और अचानक जमीन पर गिर गए। उन्हें सिर और सीने में काफी चोटें आईं। मौके पर मौजूद कर्मी आनन-फानन उन्हें लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां स्थिति बिगड़ने पर चिकित्सक ने उन्हें लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस से उन्हें लखनऊ ले जा रहे थे कि विक्रमजोत पहुंचते-पहुंचते वह पूरी तरह बेसुध हो गए। परिजन उन्हें सीएचसी विक्रमजोत ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
पत्नी ने कहा- करंट लगने से हुई मौत
- लाइनमैन राजेंद्र चौधरी की मौत के बाद उनकी पत्नी संजू ने शनिवार को कोतवाली में तहरीर दी। बताया कि उनके पति की मौत के मामले में तथ्य छिपाए जा रहे हैं। वह अवर अभियंता और अन्य स्टाफ के कहने पर गिदही 220 केवी बिजलीघर यार्ड के बाहर बड़ेवन की 33 केवी लाइन का केबल सही करने के लिए खंभे पर चढ़े थे। केबल बॉक्स का तार कटा हुआ था, वह उसे देख रहे थे कि तभी खंभे में अचानक करंट आ गया, जिसकी वजह से झटका खाकर वह नीचे गिर गए। उन्हें सिर और सीने में गंभीर चोटें आईं। उन्होंंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल विनय पाठक ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
लाइनमैन की फाइल फोटो