काश्तकारों में 50 करोड़ तक बंट चुका है मुआवजा, अभी बंटना है 250 करोड़
निर्माण कंपनी ने शुरू किया निशानदेही पर पिलर पक्का करने का कार्य, प्लांट लगाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के बाहर प्रस्तावित रिंग रोड का निर्माण चुनाव बाद शुरू होने की उम्मीद है। इसकी तैयारी अंतिम रूप ले रही है। जिला प्रशासन काश्तकारों को मुआवजा बांटने लगा है। निर्माण कंपनी ने अधिग्रहित जमीन पर पिलरिंग का कार्य तेज से कर रही। इस दायरे में फोरलेन सड़क बनाई जानी है। चुनाव बाद निर्माण प्लांट स्थापित हो जाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो वर्ष 2025 में शहर के बाहर 22.5 किमी लंबाई में फोरलेन सड़क का स्वरूप देखने को मिलेगा।
प्रस्तावित बस्ती रिंग रोड का निर्माण फरवरी में शुरू हो जाना था। मगर, मुआवजे के वितरण में देरी हो गई। शुरुआती दौर में मुआवजे का 25 करोड़ रुपये काश्तकारों में वितरित हो सका। इसके बाद अंश निर्धारण के चक्कर में मुआवजा वितरण उलझ गया। मार्च और अप्रैल में भी 8000 काश्तकारों के अधिग्रहित जमीनों के अंश निर्धारण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसकी वजह लेखपालों की अन्य कार्यों में व्यस्तता बताई जा रही है।
इधर चुनावी बिगुल बज चुका है। प्रशासन की व्यस्तता चुनावी कार्यों में ज्यादा हो गई है। इस वजह से मुआवजा वितरण की प्रक्रिया धीमी चल रही है। फिलहाल 50 करोड़ रुपये काश्तकारों में वितरित किए जा चुके हैं। अभी करीब 250 करोड़ रुपये और वितरित होने हैं।
निर्माण के लिए अधिकृत केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से मुआवजे के लिए 250 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। मगर, इसे वितरित कर पाने में विशेष भूमि आधिपत्य कार्यालय को पसीना छूट रहा है। क्योंकि काश्तकारों का अंश निर्धारण न होने से उनके प्रपत्र नहीं जमा हो पा रहे हैं। अधिकतर काश्तकार अंश निर्धारण के लिए दौड़भाग तेज कर दी है। मगर, सर्वे, पैमाइश, चुनावी जिम्मेदारी एवं अन्य कार्यों के चलते लेखपाल नहीं मिल रहे हैं। इससे मुआवजा वितरण की गति धीमी हो गई है।
उम्मीद है कि चुनाव बाद इसमें तेजी आएगी। इधर निर्माण कंपनी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। भूमि अधिग्रहित के लिए चिह्नित जमीनों पर पिलरिंग का कार्य शुरू हो गया है। निर्माण कंपनी ने हॉट मिक्स प्लांट के लिए जगह तलाश शुरू कर दी है। चुनाव बाद निर्माण टीम यहां उतर जाएगी।
रिंग रोड के प्रथम फेज की 22.5 किमी लंबाई में सड़क बनाने के लिए कुल 111 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण के लिए चिह्नित की गई है। विशेष भूमि आधिपत्य कार्यालय से इन जमीनों का मूल्यांकन कर लिया गया है। 54 गांवों के 8 हजार काश्तकारों से इस भूमि की रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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एक साल से चल रही अधिग्रहण की प्रक्रिया
बस्ती रिंग रोड को लेकर जनवरी 2023 से अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जमीनों के चिह्नांकन (थ्री-डी) की कार्रवाई पूरी होने के बाद विशेष भूमि आधिपत्य विभाग ने मूल्यांकन (अवार्ड) की प्रक्रिया शुरू की। परियोजना बड़ी होने के नाते इस कार्य में काफी समय लगा। दिसंबर के आखिर में जाकर अवार्ड की प्रक्रिया पूरी हुई। केवल जमीन उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ की डिमांड तैयार हुई है।रिंग रोड शहर से दस किमी दूर गोटवा बाजार से शुरू होकर हड़िया चौराहे होते हुए फिर उसी स्थान पर ले जाकर समाप्त की जाएगी। फोरलेन के मानक के अनुसार, 22 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण होना है।
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इन गांवों से गुजरेगी रिंग रोड
सदर तहसील के ग्राम पंचायत बकैनियाद्वीप, बक्सर, बल्लीपट्टी, बनकटा, बरवनियां, बायपोखर, बेलवाडाड़, भदेश्वरनाथ, भटहा, देवराव खास, देवरिया, डीघा, गोटवा, कड़रखास, कटया, खुटहन, कोपवा, कोपिया, मछिया, निविया, नौगढ़, ओठगनपुर कला, पचौरा, परसाजाफर, परसा डफाली, परसादपुर, पिपरा मेघउ, पोखरभिटवा, पुरैना, राजा चक, राजाजोत, रिठौली, सबदेइया कला, समसपुर व सेखुई आदि ग्राम पंचायत शामिल हैं।
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कोट
चुनाव बाद रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। निर्माण कंपनी की एक टीम अधिग्रहित जमीनों पर पिलरिंग का कार्य शुरू कर चुकी है। हॉट मिक्स प्लांट स्थापना के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा।
-रोहित श्रीवास्तव, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय
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कोट
काश्तकारों से जरूरी प्रपत्र जमा कराए जा रहे हैं। अंश निर्धारण में तेजी लाई गई है। मुआवजा वितरण भी लगातार किया जा रहा है। शीघ्र यह प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
-संजीव ओझा, प्रभारी, विशेष भूमि आधिपत्य अधिकारी