बस्ती। वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण और अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को क्षति पहुंचाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कांग्रेस पदाधिकारियों, नेताओं ने जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित डीएम के प्रशासनिक अधिकारी को साैंंपा। मांग की कि मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष कराई जाए। ज्ञापन देने के बाद कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि मणिकर्णिका घाट का जीर्णोद्धार वर्ष 1791 में माता अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था। इस घाट पर स्थापित अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा भी ध्वस्तीकरण के पश्चात मलबे में दब गई, जो निंदनीय है।