छावनी क्षेत्र के बरईजोत गांव अमोढ़ा में दिवंगत के घर सांत्वना देने पहुंचे लोग
छावनी। रविवार को राजधानी लखनऊ के शहीद पथ पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले बरईजोत गांव निवासी इबरार अली (70) तथा इरशाद अली (68) का शव सोमवार को गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। रिश्ते में दोनों समधी थे। उनके घर पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार व गांव-क्षेत्र के लोग पहुंचे हुए थे। हादसे से सभी की आंखें नम थीं। दोनों के शव को गांव के कब्रिस्तान में दफन किया गया। उधर, लोग जिंदगी की जंग लड़ रहे दोनों बच्चों और चालक मुजीब की सलामती के लिए दुआ मांग रहे हैं।
इबरार अली अपने चार पुत्रों में दूसरे नंबर के मो. फहीम को सऊदी अरब भेजने के लिए लखनऊ जा रहे थे। रविवार को लखनऊ से उनकी फ्लाइट थी। कार से उन्हें एयरपोर्ट पहुंचाने के लिए पड़ोसी तथा रिश्ते में समधी इरशाद अली (फहीम के ससुर) के साथ लखनऊ एयरपोर्ट जा रहे थे। कार मोहम्मद मुजीब चला रहा था। साथ में इबरार अली का पौत्र फहीम का बेटा अब्दुल हई तथा पोती नाइरा भी थी।
लौटते समय लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शहीद पथ पर सीएमएस स्कूल के पास कार में पीछे से किसी वाहन ने टक्कर मार दिया था। जिससे कार अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा गई। कार में सवार सभी पांच लोगों को लोहिया अस्पताल भेजवाया गया, जहां दोनों समधी इबरार अली और इरशाद अली को मृत घोषित कर दिया गया। कार चला रहे मुजीब के अलावा सऊदी अरब गए मो. फहीम के मासूम बेटे पांच साल का अब्दुल हई तथा तीन साल की बेटी नाइरा गंभीर रूप से घायल हो गई। मुजीब और दोनों मासूम बच्चे लखनऊ के ट्रामा सेंटर में जीवन के लिए जूझ रहे हैं। इस हादसे से पूरा गांव शोक में डूबा है।