बस्ती। मंडलायुक्त अखिलेश सिंह ने जलजीवन मिशन के कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया है। बृहस्पतिवार को आयुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि बस्ती में शत प्रतिशत कार्य पूर्ण करने का माइक्रो प्लान तैयार नहीं किया गया है। दो माह में प्रभारी अधीक्षण अभियंता ने केवल बस्ती के 20 गांव के निरीक्षण की सूचना दी है। सिद्धार्थनगर या संतकबीरनगर में उन्होंने किसी गांव का निरीक्षण नहीं किया गया है। उनके इस कार्यशैली पर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर की। कहा कि पीने के पानी की आपूर्ति न होने से तथा पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदकर छोड़ देने से जनता में नाराजगी है। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री ने भी लखनऊ बैठक में नाराजगी व्यक्त की है।
आयुक्त ने जल निगम के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए कि नियमित निरीक्षण करके खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराएं। पाइप लाइन समुचित गहराई में डाली जाए। संतकबीरनगर में 34 लोलैंड के मामले विलंब से प्रस्तुत करने पर भी नाराजगी जताई। बताया गया कि सिद्धार्थनगर में ग्राम पंचायत में भूमि उपलब्ध न होने पर सात पंचायतों में काश्तकार से दान स्वरूप भूमि ली गई है। संवाद