कप्तानगंज थाने पर तैनाती के दौरान प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ था विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दुबौलिया थाने पर तैनात जिस दरोगा सुरेंद्र कुमार की वजह से महिला बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट की पानी की टंकी पर चढ़ी थी, उसका पहले का रिकार्ड विवादित रहा है। इससे पहले कप्तानगंज थाने पर तैनाती के दौरान प्रतिमा विसर्जन के दौरान महिलाओं को अपशब्द कहने को लेकर हंगामा हुआ था। इसके बाद दरोगा को कप्तानगंज से हटाकर दुबौलिया भेजा गया था।
24 अक्तूबर की शाम पांच बजे की घटना कप्तानगंज थाना क्षेत्र के लहिलवारा गांव में देर शाम प्रतिमा विसर्जन के जुलूस में ड्यूटी कर रहे दरोगा पर अबीर-गुलाल पड़ गया था। असल में प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पंडुल घाट पर लोग नाचते-गाते हुए जा रहे थे। बढ़या पुल के पास महिलाएं और गांव के लोग अबीर-गुलाल उड़ाने लगे। इसी बीच बगल से जा रहे दरोगा के ऊपर अबीर-गुलाल पड़ गया। इससे दरोगा भड़क गए और बाइक को बगल लगा कर महिलाओं को अपशब्द कहने लगे।
यहां तक कि केस दर्ज करके जेल भेजने की धमकी भी दे डाली। नाराज गांव के लोगों ने दोनों प्रतिमाओंं को लेकर शाम छह बजे कप्तानगंज थाने के सामने पहुंचे और रोक दिया। काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ आ गई। ग्रामीणों का आक्रोश देखकर आरोपी दरोगा थाने से भाग निकले। सूचना पर कप्तानगंज के तत्कालीन एसओ रोहित कुमार उपाध्याय ने किसी तरह लोगों को शांत कर प्रतिमाओं का विसर्जन कराया। इसके बाद दरोगा सुरेंद्र प्रसाद को दुबौलिया थाने में स्थानांतरित कर दिया गया था।