दो सीएचसी और तीन पीएचसी का सीएमओ ने किया निरीक्षण, मचा हड़कंप
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सीएमओ डॉ. आरएस दुबे सोमवार को निरीक्षण पर निकले। उन्होंने ग्रामीण अंचल के अस्पतालों की हकीकत जानी। दो सीएचसी और तीन पीएचसी पर सीएमओ पहुंचे। इस दौरान सफाई एवं अन्य अव्यवस्था पाए जाने पर उन्होंने जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई। जबकि अनुपस्थित पाए गए कर्मियों का वेतन भी रोका।
सुबह 10.45 बजे सीएमओ गौर सीएचसी पर अचानक पहुंचे। इस दौरान कर्मचारियों में हड़कंप मच गई। परिसर में गंदगी देख वह मौजूद कर्मचारियों पर विफर पड़े। उपस्थिति पंजिका देखा तो छह कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इनके वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने ड्रेसिंग रूम का भी निरीक्षण किया। यहां मिली खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। फार्मासिस्ट सुरेश कुमार वर्मा को दोषी मानते हुए एक माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया।पता चला कि स्टाफ नर्स संतोष कुमार रात में ड्यूटी नहीं करते हैं।
इस आरोप में उनका भी एक माह का वेतन बाधित किया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जेपी कुशवाहा, डॉ. पंकज कुमार शुक्ला, वरिष्ठ लिपिक अनूप कुमार बरनवाल, डाटा एंट्री ऑपरेटर कोविड बृजेश कुमार मिश्रा, महेश कुमार श्रीवास्तव, एसटीएस ध्रुव कुमार यादव अनुपस्थित पाए गए। सभी का वेतन बाधित करते हुए से स्पष्टीकरण मांगा गया। मिनी पीआईसीयू कक्ष को उन्होंने देखा। सीएमओ टिनिच पीएचसी पर भी पहुंचे। यहां कोविड वार्ड के लिए रखे गए बेड को व्यवस्थित करने को कहा। ड्रेसिंग ड्रम की व्यवस्था ठीक न मिलने पर फार्मासिस्ट शिष्ट को जिला चिकित्सालय में प्रशिक्षण लेने की सलाह दी।
उन्होंने प्रभारी डॉ. रमजान को 50 प्रतिशत से कम ओपीडी होने पर वेतन रोकने की चेतावनी दी। इसके बाद सीएमओ पीएचसी बभनान पहुंचे। यहां फार्मासिस्ट विवेक सिंह अनुपस्थित पाए गए। उनका वेतन बाधित किया गया। यहां सुबह दस बजे बजे तक महज चार मरीजों का पंजीकरण पाया गया। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।सीएचसी परशुरामपुर में निरीक्षण के दौरान लैब टेक्निशियन का कार्य संतोष जनक नहीं मिला।
विश्व प्रताप ओझा एवं श्रीकांत यादव का माह अगस्त का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित किया गया। यहां 7 कर्मचारी अवकाश पर पाए गए। पीएचसी हरदी पर फार्मासिस्ट धर्मेंद्र कुमार 25 अगस्त से अनुपस्थित पाए गए। एएनएम कलावती देवी का कार्य संतोष जनक नहीं पाए जाने पर उनका वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित किया गया।