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Basti News: किसानों और मिल कर्मियों में नोकझोंक, गन्ना क्रय केंद्र बंद

Thu, 05 Jan 2023 10:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
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विक्रमजोत क्षेत्र के गन्ना क्रय केंद्र पर किसानों से वार्ता करते सहायक प्रबंधक संदीप सिंह । - फोटो : BASTI
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गन्ना क्रय केंद्र बस्थनवां में रौजागांव शुगर मिल कर्मियों व किसानों के बीच गन्ना तौल को लेकर बुधवार को जमकर नोकझोंक हुई। इसके बाद मिल कर्मियों ने गन्ना क्रय केंद्र बस्थनवां को अस्थाई रूप से बंद कर दिया।

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किसानों का कहना है कि कांटा बाबू की ओर से मंगलवार शाम को गन्ना से लदी ट्रालियों को तौल कर लोडिंग के लिए खड़ी करवा दी गई थी। उसी रात कांटा बाबू का चीनी मिल के अधिकारियों ने स्थानांतरण कर दिया। सुबह लोडिंग शुरू हुई तो किसानों को पता चला कि रात में ही तौल लिपिक का ट्रांसफर हो गया है। इसी को लेकर किसानों को यह चिंता सताने लगी की जिस लिपिक ने तौल किया। उसका स्थानांतरण हो गया और तौला गया। गन्ना ट्राला में लाद दिया गया है। फिर पर्ची की समस्या खड़ी हो जाएगी।

गन्ना किसान लाल कुमार तिवारी, इंद्रजीत वर्मा, संदीप यादव, अन्नू सिंह, हरीराम, लाल सिंह समेत कई किसानों ने रौजा गांव चीनी मिल के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। इसी बात को लेकर मौके पर पहुंचे सहायक प्रबंधक संदीप सिंह से किसानों की नोकझोंक भी होने लगी। उसके बाद गन्ने से लदा ट्राला बिना चालान तथा बिना पर्ची बने हुए चीनी मिल के लिए रवाना हो गया।
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गन्ना क्रय केंद्र पर मौजूद किसानों का कहना था कि समय से गन्ने की उठान नहीं होने से चार से पांच दिन क्रय केंद्र पर रहना पड़ता है। तब जाकर कहीं तौल हो पाती है और चार दिन तक तौल होने से गन्ने की जड़ काली पड़ जाती है। ऐसे गन्ने को मिल कर्मी सूखा घोषित कर देते हैं। किसानों से नोकझोंक के बाद गुस्साए सहायक प्रबंधक ने क्रय केंद्र पर नोटिस चस्पा करवा कर क्रय केंद्र को अनिश्चित समय के लिए बंद करने का निर्देश दे दिया।

रौजा गांव चीनी मिल के जीएम केन इकबाल सिंह का कहना है कि ट्राला पहुंचने के बाद क्रय केंद्र पर तौल शुरू होती है। पर्ची के हिसाब से ही तौल कार्य किया जाता है। यदि कांटा बाबू आवश्यकता से अधिक ट्रॉलियों को तौल कर खड़ा कर दिया है, उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। बताया कि किसानों के गन्ना वजन के हिसाब से पर्ची बनाई जाएगी।

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