सदस्यों ने विरोध में सदन का किया बहिष्कार, एक होटल में हुई मंत्रणा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला पंचायत में फिर घमासान शुरू हो गया है। शनिवार को प्रस्तावित बोर्ड की बैठक को लेकर अध्यक्ष और सदस्यों में खींचतान की स्थिति नजर आई। सदस्यों के विरोध के चलते बैठक स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, अपर मुख्य अधिकारी ने कुछ देर बाद विज्ञप्ति जारी कर अपरिहार्य कारणों से बैठक निरस्त होने की जानकारी दी।
अंदरखाने से मिली जानकारी के अनुसार, बोर्ड की प्रस्तावित बैठक का विरोध करने के लिए 29 सदस्य लामबंद हुए। इनका आरोप था कि जिला पंचायत में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। सदस्यों और विकास कार्यों के साथ पूरी तरह से मनमानी की जा रही है। अधिकतर सदस्य बैठक में पहुंचे ही नहीं। कुछ देर बाद यह खबर सार्वजनिक हुई नाराज बहुतायत सदस्य शहर से सटे एक होटल में बैठकर मंत्रणा कर रहे हैं। इसके बाद हलचल तेज हो गई।
अध्यक्ष और विरोधी सदस्य दोनों खेमों में एक-दूसरे की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाने लगी। दोपहर 12 बजे से बोर्ड की बैठक शुरू होनी थी। इसमें प्रतिभाग के लिए सपा विधायक महेंद्र नाथ यादव, राजेंद्र चौधरी और कवींद्र चौधरी पहुंचे थे। मगर, सदस्यों की कुर्सियां खाली रहीं। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी भी नहीं पहुंचे थे। कुछ देर आपस में चर्चा करने के बाद सभी विधायक लौट गए।
जिला पंचायत सदस्य अमृता सिंह के प्रतिनिधि विद्यामणि सिंह, प्रमोद कुमार चौधरी गिल्लम, प्रवीण कुमार सिंह, खुर्शीद, नौसाद, अबूबकर, शंकर यादव, जवाहिर, लवकुश राना, अमृता सिंह, ज्योति सिंह, मुराती देवी आदि ने विज्ञप्ति जारी कर जिला पंचायत में भ्रष्टाचार, टेंडर में मनमानी, ठेकेदार के कहने पर काम कराने जैसे आरोप लगाए। सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायत में केंद्र एवं प्रदेश सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति के उलट काम हो रहा है। लगातार तीन वर्षों से सुधार लाने का लगातार प्रयास किया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
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कोट
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक सदस्यों व विधायकों की सहमति से निरस्त की गई है। शीघ्र ही अगली तिथि निर्धारित की जाएगी। सभी सदस्य हमारे साथ हैं। किसी को कोई नाराजगी नहीं है। भ्रष्टाचार के सभी आरोप निराधार हैं।
-संजय चौधरी, अध्यक्ष, जिला पंचायत