पांच बैंकों से स्पष्टीकरण तलब
डीएम की समीक्षा बैठक में जमा-ऋण अनुपात में पाए गए फिसड्डी
बस्ती। जमा-ऋण अनुपात में फिसड्डी पर होने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने एसबीआई, सेंट्रल बैंक, आईओबी, बैंक ऑफ बडौदा व बड़ौदा यूपी बैंक के जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने बैंकों को अधिक से अधिक ऋण वितरण कर ऋण जमा अनुपात रेशियो बढ़ाने के निर्देश दिए।
डीएम बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि बड़े लोन के आवेदक कम हैं। इस कारण जिले का सीडी रेशियो खराब हो रहा है। 30 जून तक सीडी रेशियो 44.30 प्रतिशत है, जो आरबीआई के निर्देशानुसार 60 से कम है। निर्देश दिए कि जिले के सर्वांगीण विकास के लिए प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों को अधिक से अधिक ऋण दें।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संचालित योजनाओं में ऋण का वितरण काफी कम है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में 51 लक्ष्य के सापेक्ष कोई ऋण वितरित नहीं किया गया है। इस योजना में खादी ग्रामोद्योग की ओर से भेजे आवेदन पत्रों में केवल नौ को ऋण वितरित किया गया है। ओडीओपी योजना में 24 के सापेक्ष कोई ऋण वितरित नहीं है। पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना में 51 को प्रथम, 62 को द्वितीय ऋण वितरण का फार्म लंबित है। एडीएम अभय कुमार मिश्र ने बैंको से अनुरोध किया कि वे बकाए की वसूली में तेजी लाने के लिए संबंधित तहसीलों से संपर्क कर आरसी जारी कराएं।
भारतीय स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक मनीष उप्पल ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना में 961872, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 97649, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 482045 तथा अटल पेंशन योजना में 73083 लोगों को आच्छादित किया गया है। बैठक का संचालन लीड बैंक के मैनेजर अविनाश चंद्रा ने किया। इस मौके पर रामदुलार, संदीप वर्मा, मनीष सिंह, पीएन सिंह आदि मौजूद रहे।