संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नाबालिग बालिका और उससे संबंधित प्रपत्र न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत नहीं करने के मामले में न्याय पीठ बाल कल्याण समिति ने थाना प्रभारी छावनी और मुकदमे के विवेचक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
उल्लेखनीय है कि छावनी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने अपनी नाबालिग लड़की के साथ हुई वारदात की रिपोर्ट क्षेत्र के थाने में दर्ज कराई है। मुकदमे की वादी पीड़िता को थाने के उप निरीक्षक ने सात मार्च को अवकाश होने के नाते न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा के आवास पर प्रस्तुत कर आगे की कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
न्याय पीठ के अध्यक्ष ने मुकदमे की वस्तुस्थिति को देखते हुए बालिका की चिकित्सकीय जांच कराने और आवश्यक प्रपत्रों के साथ अगले कार्य दिवस में न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश विवेचक को दिया था, लेकिन विवेचक की लापरवाही के चलते बालिका को 17 दिन बाद भी प्रस्तुत नहीं किया गया है। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी हरैया कर रहे हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी ने थाना प्रभारी, विवेचक और थाने के बाल कल्याण अधिकारी को पत्र भेज कर 27 मार्च तक मामले में हुई लापरवाही का जवाब मांगा है। बाल कल्याण के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने कहा कि मामला बाल हित से जुड़ा हुआ है। बाल हित को लेकर न्याय पीठ सजग रहती है, इसलिए जवाब मांगा गया है। बालिका के सर्वोच्च हित के लिए समिति कई स्तर पर प्रयास करती है। इसे प्रस्तुत न करने पर बालिका का बाल हित प्रभावित होता है।