बस्ती। जेलों के बंदी और कैदियों को आध्यात्म और आराधना से जोड़ने की पहल की गई है, ताकि बंदी और कैदी अपराध से दूर रहें और उनका मन भी नहीं भटके। इस क्रम में शनिवार को कारागार में श्रीराम चरित मानस अखंड पाठ का आयोजन किया गया। कैदियों, बंदियों में इस आयोजन को लेकर उत्साह देखा गया। जेल स्टाॅफ के साथ मिलकर सभी परिसर के चक्र में राम चरित मानस की चौपाई गान करते देखे गए। जेल अधीक्षक अंकेक्षिता श्रीवास्तव ने बताया कि बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कराने के लिए यह आयोजन रखा गया है। इसमें सभी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि रामचरित मानस की चौपाई, श्रीमद्भागवत के श्लोक गूंजते हैं तो बंदी और कैदी बड़ी तल्लीलता से सुनते हैं। इससे जेल का माहौल बदल रहा है। सरकार की मंशा है कि सजा के बाद जब बंदी और कैदी बाहर जाएं तो अपराध की राह न पकड़ें। उनका हृदय बदल जाए। अपराध को छोड़कर समाज के लिए काम करें। रविवार को इसकी पूर्णहुति होगी और प्रसाद वितरण किया जाएगा। संवाद्