फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिन में फसल चट कर रहे मवेशी, रात में सड़कों पर फरमाते हैं आराम

विज्ञापन
परसा-परशुरामपुर मार्ग पर खड़े मवेशी। - फोटो : BASTI
विज्ञापन
दिन में फसल चट कर रहे मवेशी, रात में सड़कों पर फरमाते हैं आराम
विज्ञापन

सप्ताह भर चले अभियान में पकड़े गए महज 85 छुट्टा मवेशी
क्षेत्र में कहीं दिखाई नहीं पड़ रही हैं ब्लॉकों की ओर गठित टीमें
बस्ती। एक सप्ताह तक चले छुट्टा मवेशियों को पकड़ने का अभियान बेअसर रहा। सीडीओ की गठित टीमें महज 85 मवेशियों को पकड़ पाईं। ये मवेशी दिन में फसल नष्ट करते हैं तो रात में सड़कों पर आराम फरमाते हैं। इससे हाईवे पर हादसे भी हो रहे हैं। फिर भी जिम्मेदारों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा।
सीडीओ ने दो सितंबर को छुट्टा मवेशियों को पकड़ने के निर्देश दिए थे। इसके लिए उन्होंने चार टीमें गठित की थीं, लेकिन ये टीमें एक सप्ताह में महज 85 मवेशी पकड़कर अभियान की इतिश्री कर ली। इससे किसानों व राहगीरों को राहत मिलती नहीं दिख रही है।
विज्ञापन

शहर में तिरंगा चौराहा, कचेहरी, न्याय मार्ग, गांधीनगर, रोडवेज, प्रेस क्लब आदि जगहों पर दिन भर छुट्टा मवेशी धमा चौकड़ी करते दिख जाएंगे। बभनान प्रतिनिधि के अनुसार हर्रैया तिराहा, सब्जी मंडी, विजय नगर चौराहा, गुड़ मंडी, रामलीला मैदान, पेट्रोल पंप तिराहा आदि जगहों पर झुंड में छुट्टा मवेशी मौजूद रहते हैं। जबकि क्षेत्र के इटवा, परसा व सेखुई में सैंकड़ों की संख्या में मवेशी फसल बर्बाद कर रहे हैं।
सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक रोड, पेट्रोल पंप, बस्ती-डुमरियगंज मार्ग, पचमोहनी, बरगदवा, देईपार, जिनवा, लक्ष्मणपुर, महनुआ में छुट्टा मवेशियों का आतंक कुछ अधिक ही है। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार धुसवा, डेल्हापार, नौना, घुघसा, पगार, देईसाड़ आदि जगहों पर छुट्टा मवेशियों से हर कोई परेशान है। परशुरामपुर प्रतिनिधि के अनुसार शृंगीनारी, नरायनपुर, कुसमौर, पड़रीबाबू, हैदराबाद, परशुरामपुर बाजार, नागपुर कुंवर आदि क्षेत्रों में दिन भर छुट्टा मवेशी विचरण करते रहते हैं।
...
हिंसक हो चुके हैं छुट्टा मवेशी
हर्रैया। तहसील मुख्यालय पर छुट्टा मवेशी हिंसक हो चुके हैं। कस्बे के बभनान चौराहा, एसबीआई के पास, सब्जी मंडी आदि जगहों पर मवेशियों का आतंक है। 16 सितंबर को बाजार आई एक महिला पर सांड़ ने हमला कर दिया था। उसे सिर में कई टांके लगवाने पड़े थे।
विज्ञापन

...
कोट
छुट्टा मवेशियों को पकड़ने के लिए टीमें लगाई गई हैं। मवेशियों को पकड़कर गो आश्रय स्थलों पर रखा जा रहा है। जल्द ही सभी मवेशियों को आश्रय स्थलों में संरक्षित कर लिया जाएगा।
डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, सीडीओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें