लालगंज थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव में पुलिस केस से बचने के लिए नाम बदलने के मामले में शामिल आरोपियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इसमें मदद करने वाले उन दो सचिवों पर भी केस दर्ज किया गया है, जिन्होंने मृत्यु प्रमाणपत्र बनाया था। इस संबंध में जगन्नाथपुर निवासी लक्ष्मेश्वर पांडेय ने तहरीर में आरोप लगाया कि भेद खुलने पर जेल भेजे जाते समय शिवशंकर पांडेय, उसके पुत्र दीपक पांडेय और ग्राम पंचायत भक्तूपुर के सचिव शैलेंद्र मणि त्रिपाठी और जगन्नाथपुर के सचिव अजित सिंह ने धमकी दी।
इस मामले में शिवशंकर पांडेय ने पुलिस केस से बचने के लिए खुद को मृत घोेषित कर दिया था। उसने नाम बदलकर जटाशंकर पांडेय पुत्र देवीसरन रख लिया था। इस नाम से आधार, वोटर आईडी, परिवार रजिस्टर की नकल जैसे जरूरी दस्तावेज बनवा लिए थे। पुलिस की जांच में इसकी पोल ग्राम प्रधान ने खोली। तब शिवशंकर की फिर से गिरफ्तारी हुई और जेल भेजा गया।
वर्ष 2002 में मुंडेरवा चीनी मिल तिराहे के पास भाकियू कार्यकर्ता और पुलिस के बीच हुए खूनी संघर्ष में मुंडेरवा पुलिस ने शिवशंकर पांडेय की भी संलिप्तता पाई थी। कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। वर्ष 2006 में एसीजेएम ने उसके खिलाफ आरोपतय किया था। दिसंबर 2023 में जारी गैर जमानती वारंट में लालगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा तो उसने खुद को जटाशंकर पांडेय बताकर बच निकला।