- आठ नवंबर को तय की गई केस की अगली तारीख
- तत्कालीन कोतवाल एसएन सिंह को उपस्थित होने का न्यायालय का आदेश
- एडीजे प्रथम न्यायालय में चल रही है बहुचर्चित कारतूस कांड की सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नक्सलियों को कारतूस सप्लाई करने के बहुचर्चित मामले में बुधवार को गवाहों के उपस्थित न होने की वजह से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम के न्यायाधीश शिवचंद्र ने केस के विवेचक रहे तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली एसएन सिंह को अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। सुनवाई के लिए आठ नवंबर को अगली तारीख मुकर्रर की गई है।
एडीजीसी राघवेश प्रसाद पांडेय ने बताया कि सरकार बनाम रामकृपाल सिंह केस में विवेचक रहे तत्कालीन कोतवाल एसएन सिंह से उनकी मोबाइल पर इस संबंध में बात की गई। किन्हीं कारणों से वह न्यायालय में गवाही के लिए उपस्थित नहीं हो सके। ऐसे में उन्हें अगली तारीख पर आठ नवंबर को मौजूद रहने के न्यायालय के आदेश के बारे में अवगत करा दिया गया है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए नक्सलियों के हमले में इस्तेमाल कारतूस की सप्लाई में बस्ती के तत्कालीन आर्माोरर राम कृपाल सिंह का नाम सामने आया था। यूपी एसटीएफ ने 30 अप्रैल को बस्ती पुलिस लाइंस में छापा मारकर राम कृपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके सरकारी आवास से विभिन्न प्रतिबंधित बोर के कारतूस व मैगजीन बरामद की गई थी। इस मामले में एसटीएफ के एसआई राज कुमार सिंह ने कोतवाली थाने में आर्मोरर राम कृपाल सिंह सहित 10 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिसके विवेचक तत्कालीन कोतवाल एसएन सिंह ने सभी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इन दिनों इस केस का ट्रायल चल रहा है।
ट्रायल के दौरान न्यायालय में केस की दो फाइल तैयार की गई है, जिसका एक पार्ट सरकार बनाम रामकृपाल सिंह और दूसरा पार्ट सरकार बनाम राज कुमार सिंह ने नाम से न्यायालय में प्रचलित है। सरकार बनाम राम कृपाल सिंह की फाइल में गवाही चल रही है। जिसके लिए 25 अक्तूबर की तारीख तय की गई थी। दूसरी फाइल सरकार बनाम राज कुमार सिंह में छह नवंबर को सुनवाई की तारीख है।