परशुरामपुर। क्षेत्र के डुहवा पांडेय में साप्ताहिक कथा के सातवें दिन कथा व्यास भुवनेश ने कंस वध का वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि कृष्ण को मारने के लिये कंस ने अपने तमाम असुरों को भेजा, लेकिन कृष्ण को मारने में असफल रहा। इसके बाद वह अपने योद्धाओं से मिलकर योजना बनाता है। उसी योजना के तहत नंदबाबा तथा गोकुलवासियों को कंस निमंत्रण भेजता है। उत्सव का आयोजन मथुरा मे होता है। अक्रूर जी के साथ बलराम तथा कृष्ण भी उत्सव में जाते हैं। कृष्ण को मारने के लिए कंस चारूण और मुष्टिक को लगाता है, कष्ण और बलराम दोनों का वध करते है। मद्यपान कराकर पागल हाथी से कृष्ण पर आक्रमण कराता है, लेकिन उसे भी विष्णु स्वरूप कृष्ण मार देते हैं। अंत मे श्री कृष्ण ने कंस वध कर मानवता का कल्याण किया और अपनी मां देवकी तथा पिता वासुदेव को कारागार से मुक्त कराते हैं।
इस मौके पर शीतला प्रसाद मिश्र, डा.अनिल मिश्र, शिखा मिश्रा, मालती, डा.राहुल मिश्र,अध्यात्म मिश्र आदि उपस्थित रहे।