कोच में जगह न होने पर ट्रेन के गेट पर बैठकर सफर करते यात्री संवाद
पुरानी बस्ती। कांवड़ यात्रा को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख मार्गों पर किए गए रूट डायवर्जन का असर यात्रियों की आवाजाही पर पड़ा है। शनिवार को रेलवे स्टेशन पर सामान्य दिनों की अपेक्षा कांवड़ियों और अन्य यात्रियों की मौजूदगी नजर आई। लखनऊ जाने वाले यात्री अधिक दिखाई दिए। बताया गया कि सामान्य दिनों के आपेक्षा स्टेशन पर करीब 300 से अधिक टिकट बिक्री बढ़ी है। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन की ओर से जगह-जगह रूट डायवर्जन किया गया है। इसका उद्देश्य कांवड़ियों की भीड़ और सामान्य यातायात को अलग-अलग रखते हुए आवागमन को सुचारु बनाए रखना है। ट्रेनों में बढ़ी भीड़ तो यात्री कोच में घुसने में मशक्कत कर रहे। सीट नहीं मिलने पर गेट पर ही बैठकर सफर कर रहे हैं। स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री रोहित ने बताया कि आनंद विहार में भीड़ अधिक होने के कारण वह ट्रेन में चढ़ नहीं पाए। इससे यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में भी दिक्कत हो रही है। बस्ती के एक निजी अस्पताल में कार्यरत दीपक रोजाना बस्ती से गोंडा अप-डाउन करते हैं। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के कारण इन दिनों ट्रेनों में सामान्य दिनों की अपेक्षा भीड़ अधिक है। रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को भीड़ के बीच सफर करना पड़ रहा है। सावन और कांवड़ यात्रा के बीच ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। शनिवार को दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन और बरौनी-नई दिल्ली क्लोन ट्रेन करीब तीन घंटे की देरी से चलीं। वहीं अयोध्या और प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में भी यात्रियों की भीड़ बढ़ने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस्ती से अयोध्या जाने वाली भटनी-अयोध्या मेमू सुबह करीब नौ बजे रवाना होती है। संवाद