सामूहिक नकल पकड़े जाने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट या स्टेटिक मजिस्ट्रेट जिम्मेदार होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शासन ने यूपी बोर्ड की परीक्षा को नकल विहीन कराने के निर्देश दिए हैं। अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ की तैनाती होगी। सामूहिक नकल पकड़े जाने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट या स्टेटिक मजिस्ट्रेट जिम्मेदार माने जाएंगे। नकल रोकने के लिए एलआईयू की मदद ली जाएगी।
जिले में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से कुल 401 विद्यालय है। इनमें 22 राजकीय, 70 वित्त पोषित व 309 वित्त विहीन विद्यालय शामिल हैं। इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 78 हजार 206 छात्र-छात्राएं ने पंजीकरण कराया है। इनमें हाईस्कूल के 42 हजार 306 और इंटरमीडिएट के 36 हजार 274 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। 122 परीक्षा केंद्र बनाए हैं।
परीक्षा को शुचिता पूर्व कराने के लिए मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने डीएम और कमिश्नर को कड़ी निगरानी में परीक्षा कराने के लिए पत्र भेजा है। परीक्षाएं 22 फरवरी से नौ मार्च के बीच होंगी। उन्होंने अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र व्यवस्थापकों की संस्तुति पर एलआईयू की मदद लेने की व्यवस्था भी जिला विद्यालय निरीक्षक करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर बाहर से कराई जाने वाली नकल को रोकने की जिम्मेदारी सेक्टर मजिस्ट्रेट की होगी।
उन्होंने कहा कि बिजली की व्यवस्था न होने पर अनिवार्य रूप से जेनरेटर चलाया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट दोनों पाली में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। प्रत्येक सेक्टर में परीक्षा केंद्रों की संख्या 10 या 12 से अधिक नहीं होगी। सीसीटीवी कैमरों की नियमित रूप से जांच की जाएगी। कक्ष निरीक्षकों को पहचान पत्र के साथ आधार कार्ड भी रखना होगा। नकल रोकने के लिए पेपर बदलने से लेकर परीक्षा रद्द करने तक के कदम उठाए जाएंगे।
डीआईओएस जगदीश शुक्ला ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश के अनुसार बोर्ड परीक्षा सकुशल संपन्न कराई जाएगी।