संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नवरात्र की सप्तमी से शुरू दुर्गा पूजा समारोह का समापन दस दिन बाद पूर्णिमा तिथि में बृहस्पतिवार को हुआ। शाम ढलने के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर गहमागहमी शुरू हो गई। अमहट घाट पर शाम पांच बजे से ही छिटपुट प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू करा दिया गया।
फिर यह सिलसिला थमने का नाम नहीं लिया। रात नौ बजे के बाद प्रतिमाओं की संख्या बढ़ती गई। 300 से अधिक पंडालों में स्थापित लगभग 1500 प्रतिमाओं का विसर्जन कराने में सुबह हो गई।
माता रानी को अटूट श्रद्धा के साथ विदाई देने की होड़ मची रही। विसर्जन मार्ग पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। शाम सात बजे के बाद वाहनों पर साज- सज्जा के साथ देवी प्रतिमाओं का निकलना शुरू हुआ।
आयोजन समिति एवं श्रद्धालुओं की टोली प्रतिमा के साथ नाचते- झूमते हुए आगे बढ़ रही थी। प्रत्येक प्रतिमा के साथ पुलिस एवं होमगार्ड के जवान भी मुस्तैद रहे। धीरे-धीरे विभिन्न मार्गों से प्रतिमाओं को निर्धारित रूट गांधीनगर मार्ग पर लाया गया।
रात नौ बजे के बाद रोडवेज से लेकर अमहट घाट तक पांच किमी की दूरी में प्रतिमाएं कतारबद्ध दिखने लगी। अमहट घाट पर जैसे- जैसे विसर्जन होता गया गाड़ियां आगे बढ़ती गई। विसर्जन मार्ग पर पूरी रात श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। देवी भजनों की बौछार में लोग नाचते- थिरकते रहे।
महिलाएं, बच्चे, पुरुष सभी माता रारानी से सुख, समृद्धि की कामना करते हुए उन्हें नम ऑखों से विदाई दिए। मकानों, दुकानों के छतों पर भी श्रद्धालुओं को अंतिम दर्शन करते हुए देखा गया। विसर्जन जुलूस पर जगह- जगह आस्थावानों ने फूलों की वर्षा की। बनकटी संवाद के अनुसार विकास खंड के बनकटी , देईसाड़, टिकवाजोत , बघाड़ी, भरवलिया, कोनी, सजहरा ,फैलवा , बासापार, कमोखर आदि गांवों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बृहस्पतिवार को किया गया। कुआनों नदी के बानपुर व लालगंज घाट पर तथा कठिनाईयां नदी में विसर्जन कर लोगों ने विदाई दी। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा निकालकर भ्रमण किया।
जगह-जगह मां की प्रतिमा को रोक कर महिलाओं ने मां का कोइछा भी भरा। इस अवसर पर अनिल चौधरी , राजेंद्र प़साद चौधरी , दीलीप चौधरी , राजेश चौधरी, राम अनुज , राधे श्याम , बाबूराम चौधरी, बालकेश यादव , रविचंद पांडेय, योगेंद़ शुक्ल आदि शामिल हुए।
मुस्तैद रहा प्रशासन : प्रशासन दिन ढलने के बाद पूरी तरह मुस्तैद हो गया। डीएम रवीश गुप्ता, एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी, एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान, एसडीएम सदर शत्रुहन पाठक, एएसपी ओपी सिंह, सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, प्रभारी ईओ/ एसडीएम सुनिष्ठा सिंह समेत अन्य प्रशासनिक अफसर खुद विसर्जन की कमान संभाले हुए नजर आए। अमहट घाट पर दिन से ही तैयारियों का जायजा लेना शुरू हुआ और रात भर इन अफसरों की सक्रियता बनी रही। विसर्जन मार्ग पर भी इन अधिकारियों को भ्रमण होता रहा।
भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात : समूचे शहर में विसर्जन को लेकर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। शाम ढलने के बाद गांधीनगर मार्ग पर प्रतिमाओं से लदे वाहनों के अलावा अन्य किसी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया गया।
दक्षिण दरवाजा, करूआ बाबा चौक, रोडवेज, इंदिरा नगर मोड़, गांधीनगर, कंपनीबाग, शास्त्री चौक, फब्बारा तिराहा पर बड़ी संख्या में पुलिस एवं पीएसी के जवान तैनात रहे। बाहर से बुलाए गए सीओ एवं एसडीएम स्तर के अधिकारी भी जगह- जगह सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले रखे।