मुंडेरवा। बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित भुगतान को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को मुंडेरवा चीनी मिल परिसर में पंचायत लगाई। इसकी जानकारी के बाद मिल प्रबंधन ने किसानों से बातचीत कर उन्हें चीनी बिक्री के साथ भुगतान देने की बात कही, मगर आंदोलित किसान इस पर तैयार नहीं हुए। किसानों के आंदोलन का रुख देखकर बाद में प्रधान प्रबंधक अभिषेक पाठक व नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल ने 30 जून तक संपूर्ण भुगतान के आश्वासन पर किसान मान गए। इसके बाद पंचायत स्थगित किया। किसानों ने प्रधान प्रबंधक व नायब तहसीलदार को ज्ञापन देकर चेताया कि यदि तय तिथि तक भुगतान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा।
पेराई सत्र 2022-23 के फरवरी और मार्च का संपूर्ण गन्ना मूल्य किसानों का अभी बाकी है। चीनी मिल की ओर से अभी केवल 30 जनवरी तक बिके गन्ना मूल्य का भुगतान उनके खाते में भेजा गया है।
इससे नाराज किसानों ने चीनी मिल परिसर में पंचायत लगाई। किसान मारतेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि लगन का सीजन चल रहा है। किसानों के घरों में शादी-पढ़ाई के अलावा खाद, बीज और अन्य जरूरतें गन्ना मूल्य पर ही निर्भर हैं। ऐसे में भुगतान न देना किसानों की पीठ में छुरा घोंपने से कम नहीं है। कोर्ट का आदेश है कि यदि चीनी मिल गन्ना तौल के 15 दिन में भुगतान नहीं देती है तो उसे किसानों को ब्याज सहित भुगतान करना होगा।चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि 30 जून तक भुगतान नहीं हुआ तो परिणाम गंभीर होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। पंचायत में हृदयराम चौधरी, ब्रह्मादीन चौधरी, ब्रम्हानंद चौधरी, रामसिंह, कृष्ण चन्द्र चौधरी, परमात्मा, राजेंद्र चौधरी, विनोद कुमार, अशोक कुमार, फूलचंद्र चौधरी, जुगुल किशोर, रामदुलारे सिंह, मुन्ना, राजनरायन, भोला प्रसाद, इंद्रजीत, अश्विनी कुमार, महमूद हसन, जैसराम, राजमणि चौधरी, शिवमूरत आदि मौजूद रहे।