कलवारी। कुदरहा क्षेत्र के मिश्रौलिया में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन से आए व्यास अजय कृष्ण शास्त्री ने कहा कि राम कथा जीवन जीने की कला सिखाती है तो भागवत कथा मोक्ष प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि समीक्षा खुद की, परीक्षा अपनों की तथा प्रतीक्षा ईश्वर की कृपा की करनी चाहिएै। उन्होंने कहा कि जीव परमात्मा का अंश है। जीव में अपार शक्ति होती है, कमी मात्र संकल्प की होती है। संकल्प व कपट रहित जीव पर प्रभु की कृपा रहती है। कथा वाचक ने रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। कहा कि उनके भाई रूकमी उनका विवाह शिशुपाल के साथ करना चाह रहे थे जबकि रुक्मिणी ने संकल्प लिया था कि वह गोपाल को वरण करेंगी। अंत में भगवान श्री द्वारकाधीश ने रुक्मिणी के सत्य संकल्प को पूर्ण किया। संवाद