- शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज में चल रहा अंतरराष्ट्रीय सेमीनार समाप्त
- काशी विद्यापीठ के प्रो. दानपति ने रखे विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज में चल रहा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार रविवार को संपन्न हो गया। मुख्य वक्ता काशी विद्यापीठ के प्रो. दानपति तिवारी ने कहा कि रामचरितमानस के मानवतावादी मूल्यों की ओर ध्यान देना होगा। इसमें वर्णित परिवार, समाज व विश्व कल्याण के भाव को लागू किया जाना चाहिए। यह ग्रंथ पूरी धरती को नैतिक मूल्यों की रक्षा करना सिखाता है।
कार्यक्रम में डॉ. कमलेश पांडेय ने कहा कि राम चरितमानस में वर्णित मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने से कोई भी मनुष्य दुनिया को जीत सकता है। वहींं प्रो. अशोक कुमार मिश्र ने रामकथा के विभिन्न मार्मिक प्रसंगों के माध्यम से लोगों को जानकारी दी। प्रथम सत्र के समापन पर अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए प्रो. रघुवंश मणि ने कहा कि रामचरितमानस जगकल्याणकारी है।
मुख्य वक्ता और विशिष्ट अतिथियों का परिचय डॉ. त्रिलोकी नाथ व डॉ. रोहित सिंह ने दिया। इस सत्र में ऑनलाइन माध्यम से डॉ. जावेद एस खोलोव, निदेशक, हिंदी अध्ययन केंद्र तजाकिस्तान, प्रो. अनुषा सेलेविरत्न, हिंदी विभाग, केलनिया विश्वविद्यालय श्रीलंका भी जुड़े। सेमीनार में डॉ. अनीश कुमार, डॉ. रितु गुप्ता, डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. मनोज कुमार कलिता ने शोधपत्र प्रस्तुत किया। सेमीनार में वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र नाथ पांडेय, विधि प्रवक्ता राम रतन पांडेय, महंत गोपेश्वर त्रिपाठी ने भी विचार रखे।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि साकेत महाविद्यालय के प्रो. अशोक कुमार मिश्र व महिला महाविद्यालय के डॉ. कमलेश पांडेय रहे। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. रीना पाठक ने मुख्य वक्ता व अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर अभिवादन किया। इस मौके पर प्राचार्य प्रो. मुकेश कुमार मिश्र, संचालन डॉ. शिवेंद्र मोहन पांडेय व सहायक आचार्य अभिषेक कुमार मिश्र, प्राचार्य प्रो. सुनीता तिवारी, शत्रुघ्न मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।