लाइफलाइन अस्पताल की जांच करते सीएमओ डॉक्टर आर एस दुबे
बस्ती। सीएमओ कार्यालय व लाइफ लाइन अस्पताल पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं के हंगामा के बाद 11 दिसंबर को एसडीएम सदर ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल की जांच की थी। दूसरे दिन प्रशासन के निर्देश पर सीएमओ डॉ. आरएस दूबे ने निजी अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने तमाम खामियां पाईं। इसके बाद सीएमओ ने अस्पताल में बीमार बच्चों को भर्ती करने पर रोक लगाते हुए नोटिस चस्पा कर दिया है।
दोपहर करीब 1:30 बजे सीएमओ डॉ. आरएस दूबे, एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिगुट, ड्रग इंसपेक्टर विनोद कुमार व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार के साथ लाइफ लाइन अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने ओपीडी से लेकर एसएनसीयू तक की जांच की। यहां मंगलवार को भी चार बच्चे भर्ती पाए गए। जांच में मिला कि मानक के अनुसार एनआईयीयू नहीं है। इसके अलावा इनके पास प्रशिक्षित कर्मी भी नहीं पाए गए। करीब डेढ़ घंटे की जांच के बाद सीएमओ लौट गए। जाते-जाते अस्पताल गेट पर इसके संचालन पर रोक की नोटिस चस्पा कर गए।
सीएमओ ने जांच की पुष्टि करते हुए कहा कि लाइफ लाइन अस्पताल की जांच की गई है। यहां तमाम खामियां पाई गई हैं। अस्पताल के संचालन पर रोक लगाते हुए नोटिस चस्पा करा दिया गया है। डीएम को रिपोर्ट दी जाएगी। यहां दो बड़ी कमियां पाई गई हैं, जिसमें एक एनआईयीयू का कमरा मानक विहीन है। जबकि अस्पताल के कर्मी प्रशिक्षित नहीं हैं। इसके अलावा अन्य कमियाें को भी देखा गया है।