कंपनी बाग गुरुद्वारे में बैसाखी पर शब्द कीर्तन करते ज्ञानी।
बस्ती। शहर के विभिन्न गुरुद्वारों में खालसा साजना दिवस के रूप में बैसाखी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान कीर्तन दरबार को सजाया गया था। वक्ताओं ने बताया कि श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज ने इस दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी। सर्वप्रथम सुबह गुरुद्वारा साहिब में महान कीर्तन दरबार सजाया गया।
ज्ञानी प्रदीप सिंह एवं ज्ञानी गुरजीत सिंह ने वाह वाह गोबिंद सिंह आपे गुर चेला भजन सुना कर सारी संगत का मन जीत लिया। दरबार में बोले सोनेहाल सत् श्री अकाल के जयकारों से वातावरण गुंजायमान होता रहा। आज के ही दिन सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह महाराज ने पंच प्यारे सजाकर आनंदपुर साहिब में सिख पंथ की स्थापना की थी। इसलिए इस दिन को बैसाखी पर्व व खालसा साजना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। ज्ञानी प्रदीप ने बताया कि बैसाखी नई उमंग, जोश और नई आशाओं का भी पर्व है। किसान अपनी तैयार फसल को घर लाकर गुरु महाराज को आभार ज्ञापित करते हैं और खुशी मनाते हैं। खालसा पंथ की स्थापना जाति धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर गुरु महाराज ने की। नगर में सुख शांति व आपसी भाईचारे की अरदास की गई। मौके पर सरदार जसवीर सिंह विक्की, साहेब सिंह, मनप्रीत सिंह, दमनप्रीत सिंह, अमृत पाल सिंह, हरजस सिंह, अमरीक सिंह, गुरविंदर सिंह, हरिभजन सिंह, हरी सिंह बब्लू, चरणजीत सिंह, सरबजीत सिंह, गुरचरण सिंह आदि मौजूद रहे।