गैर इरादतन हत्या के मामले में दो की जमानत अर्जी खारिज
बस्ती। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के दो मामलों में आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
दोनों मामलों में जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता परिपूर्णानंद पांडेय के नेतृत्व में सहायक शासकीय फौजदारी अधिवक्ता कमलेश चौधरी घटना का विवरण रखा। परशुरामपुर थाना क्षेत्र के नेवरी बक्स निवासी प्रदीप कुमार वर्मा पर झोलाछाप होने का आरोप है। उसने अधिवक्ता के जरिए अदालत में जमानत के लिए अर्जी दी थी।
सहायक शासकीय फौजदारी अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि एक व्यक्ति ने 29 सितंबर 2022 को परशुरामपुर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका बेटा भास्कर चौहान (13) अपनी मां के साथ झोलाछाप प्रदीप की क्लीनिक पर गया। प्रदीप ने भास्कर को एक इंजेक्शन लगा। उसके बाद उसकी तबियत खराब हो गई। उल्टी-दस्त के बाद भास्कर बेहोश हो गया। आनन-फानन में उसे फैजाबाद ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले को सुनने के बाद न्यायाधीश ने इसे गंभीर करार देते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
दूसरा मामला दुबौलिया थाना क्षेत्र के धरमुपुर मुस्तहकम के खजांची पुरवा निवासी आरोपी श्यामजी का है। सहायक फौजदारी अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आरोपी के गांव की निवासी सुमित्रा ने दुबौलिया पुलिस को सात अगस्त 2022 को तहरीर देकर बताया कि वह अपनी बहन के बेटे ललित के साथ हर्रैया से घर वापस आ रही थीं। रास्ते में पुरानी रंजिश में हरी गोविंद, श्यामजी व दो अज्ञात ने गालियां देते हुए उनके साथ मारपीट की।
हल्ला मचाने पर गांव के लोगों के साथ गोलू ऊर्फ सन्नी आए। वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उसे जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। न्यायाधीश ने मामले को सुनने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।