बस्ती जिले में महिला अधिकारी से दुष्कर्म की कोशिश व हत्या के प्रयास के आरोप में जेल भेजे गए निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। वादी के अधिवक्ता राजेश सिंह और एडीजीसी कमलेश चौधरी ने पुलिस की तफ्तीश को आधार बताते हुए जमानत का विरोध किया।
इससे पहले तीन बार सुनवाई की तिथि पर कंडोलेंस होने की वजह से जमानत अर्जी पर सुनवाई टलती रही। सीजेएम न्यायालय से 28 नवंबर को जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। 16 नवंबर को तहसील में तैनात एक महिला राजस्व अधिकारी ने तहरीर देकर तत्कालीन नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल पर 11-12 नवंबर की रात सरकारी आवास में जबरदस्ती घुसकर दुष्कर्म की कोशिश, गला दबाकर हत्या का प्रयास, मारपीट, अपशब्द कहने का आरोप लगाया था।