बस्ती। ब्यूटी पाॅर्लर का काम सीख रही अनुसूचित जाति की महिला को बंधक बनाकर दुष्कर्म, धमकी देने के आरोपी परवेज अहमद की जमानत अर्जी खारिज कोर्ट ने खारिज कर दी। स्पेशल जज एससी-एसटी अविनाश चंद्र मिश्र की कोर्ट में विशेष अभियोजन हयात मोहम्मद, निजी अधिवक्ता एसएन दुबे व सुधांशु रंजन पांडेय ने प्रकरण के संबंध में पीड़िता का पक्ष रखा।
अदालत को बताया कि सिद्धार्थनगर जिले के शिवनगर थाना क्षेत्र के एक गांव की अनुसूचित जाति की एक महिला ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वह रुधौली बाजार में ब्यूटी पॉर्लर का काम सीखने आ रही थी। रुधौली कस्बे के वार्ड नंबर 12 निवासी परवेज अहमद उससे मिला और झांसा दिया कि इससे अच्छा तो वह बस्ती शहर में दो महीने में ही यह काम सिखवा देगा। इस तरह से उसने नजदीकी बढ़ाते हुए मोबाइल नंबर ले लिया। बात करके वह नवंबर 2023 में उसे बस्ती ले आया और कहा कि आज ब्यूटी पाॅर्लर बंद है।
एक निजी स्कूल के पास किराए का कमरा लेकर उसे रखा। दो दिन बाद आकर निकाह करने की बात करने लगा। मुस्लिम धर्म अपनाने की बात करने लगा। आरोप है कि वह मोबाइल में आपत्तिजनक रिकार्डिंग करके छेड़खानी करने लगा। 19 नवंबर 2023 को धर्म बदलने का दबाव बनाते हुए मारने-पीटने लगा और उसके साथ दुष्कर्म किया। दो दिन बाद फिर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी परवेज अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेजा। न्यायाधीश ने पीड़िता का पुलिस व न्यायालय के बयान और मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को जमानत अर्जी खारिज कर दिया। संवाद