संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बहादुरपुर ब्लाॅक के अकसड़ा चौराहा से ब्लाॅक मुख्यालय होकर पिपरा गौतम तक जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण मुख्यमंत्री की ‘ब्लाक जोड़ो’ परियोजना के तहत किया जा रहा है।
10.3 किमी लंबी इस टू लेन सड़क के बन जाने से तकरीबन 97 गांवों व मजरों के राहगीरों का ब्लाक मुख्यालय पहुंचना आसान हो जाएगा। साथ ही इस ग्रामीण क्षेत्र में टू-लेन सड़क की सुविधा मिल जाने से भारी वाहनों का आवागमन बेहतर हो सकेगा।
जिले में बहादुरपुर ब्लाॅक का विस्तार बड़ा माना जाता है। एक तरफ सरयू नदी तो दूसरी तरफ कुआनों नदी इस ब्लाॅक की सीमा का निर्धारित करती है। ब्लाॅक क्षेत्र के बीच बहने वाली मनोरमा नदी के दोनों तरफ तटबंधों पर ही सड़कों का निर्माण किया गया है। वहीं इस ब्लाॅक क्षेत्र में कुआनों नदी से निकल कर तिलहवा पंप कैनाल दर्जनों गांवों के खेतों को अभिसिंचित कर फसलें लहलहाती हैं। नतीजा यह होता है कि अतिवृष्टि व बाढ़ की विभीषिका से जलभराव के कारण इस क्षेत्र की अच्छी खासी सड़कें जल्द ही क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, और आवागमन बाधित होता रहता है।
इसको देखते हुए जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर बस्ती-आंबेडकर नगर मार्ग स्थित अकसड़ा चौराहा से बहादुरपुर होकर पिपरा गौतम तक 10.3 किलोमीटर सड़क का निर्माण छह साल पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत किया गया था। ताकि इस ग्रामीण क्षेत्र के राहगीरों को बेहतर सड़क की सुविधा मिल सके। 3.75 मीटर चौड़ी यह सड़क कुछ दिन तक तो दुरुस्त रही, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही व जलभराव से धीरे-धीरे यह मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त होता गया और राहगीरों की दुश्वारियां बढ़ गईं।
दूसरी तरफ इस प्रधानमंत्री सड़क का निर्माण करने वाले ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने पांच साल बाद यानी साल भर पहले इसे मरम्मत व रखरखाव के लिए पीडब्ल्यूडी को नियमत: हस्तांतरित कर दिया। तब से इस सड़क की हालत और भी दयनीय हो गई।
इधर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी ब्लाॅक मुख्यालयों को गांवों से जोड़ने के लिए ‘ब्लाॅक जोड़ो’ परियोजना चालू किया तो पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड ने इसके चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के लिए 25 करोड़ 35 लाख रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया था। जिस पर स्वीकृति मिलने पर काम चालू हो गया है।
इन गांवों को मिलेगी बेहतर सड़क : अकसड़ा-बहादुरपुर-पिपरागौतम मार्ग के बन जाने से केवचा, गोपालपुर, बहादुरपुर, मटेरा, छबैला, करहली, माड़न, प्रतापपुर, अरबापुर, नरायनपुर, सिसवारी कुंवर सिंह, ढरियवा और पिपरा गौतम समेत दर्जनों गांवों के राहगीरों को बेहतर सड़क की सुविधा मिल जाएगी।