फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: घघौवा चौकी पर अयोध्या की सीमा सील, विक्रमजोत रैन बसेरे में भेजे जा रहे श्रद्धालु

Mon, 22 Jan 2024 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
विक्रमजोत। अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में पहुंचने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं को बस्ती जिले की सीमा चौकी घघौवा पर पूरे दिन हलकान होना पड़ा। 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह की सुरक्षा के लिए परशुरामपुर थाना के घघौवा पुलिस चौकी को कंट्रोल रूम में तब्दील किया गया है।
विज्ञापन

हाईवे पर तैनात थानाध्यक्ष तहसीलदार सिंह और चौकी प्रभारी सर्वेश चौधरी ने बताया कि शनिवार रात आठ बजे से ही डायवर्जन पूर्णतः लागू कर दिया गया है। अयोध्या से सटे जनपद होने के कारण ग्रीन जोन में रखा गया है। अयोध्या प्रशासन की ओर से जारी वाहन पास, प्रवेश पास, एंबुलेंस, शव वाहन, सेना के वाहन और सरकारी उच्चाधिकारियों के वाहन ही घघौवा चौकी से आगे जाने दिए जा रहे हैं। पैदल और बाइक सवारों को भी हाईवे के रास्ते आगे जाने पर प्रतिबंध है।
पूर्वोत्तर राज्यों मणिपुर, असम, सिक्किम, बिहार आदि के साथ ही बड़ी संख्या में सूबे के अन्य पूर्वी जिलों से सैकड़ों श्रद्धालु पैदल पहुंच रहे हैं। घघौवा बार्डर पर रविवार सुबह तक 100 से ज्यादा श्रद्धालु घघौवा चौकी पर जमा हो चुके थे। वे सभी छोटे-छोटे जत्थे बना कर पहुंचे हैं। बिहार के दरभंगा जिले में श्रीराम जानकी मंदिर सीता वन के महंत ललित दास बताते हैं कि वह अपने बीस चेलों के साथ पिछले दस दिन से पदयात्रा करके घघौवा पहुंचे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने रोक कर वापस विक्रमजोत में श्री बाल्मीकि इंटर काॅलेज में बने रैन बसेरे में भेज दिया।
विज्ञापन


घघौवा पुलिस चौकी पर पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा
रविवार सुबह से ही हर्रैया के क्षेत्राधिकारी शेषमणि उपाध्याय, एएसपी ओमप्रकाश सिंह भी चौकी पर कैंंप कर रहे हैं। गोंडा और आसपास के इलाकों में स्थानीय लोगों को डायवर्जन से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर तक हाईवे के रास्ते अपने रोजमर्रा के काम से आने-जाने वालों को भी रोक दिया गया। गोंडा के लोलपुर, लंबी, कटरा, शिवदयाल गंज, इस्माइल पुर गांव के सैकड़ों कामगार जो बस्ती के विक्रमजोत, पटखापुर, केशवपुर, छावनी में स्थित होटल ढाबों-रेस्टोरेंट में काम करते हैं उन्हें भी आने-जाने की रोक का शिकार होना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें