बस्ती। शहर के कोतवाली क्षेत्र के महरीखावां मोहल्ले के एक मकान को कब्जा करने की खींचतान में दो महिलाएं 24 घंटे तक ताले के अंदर कैद रहीं। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी के प्रकरण संज्ञान में आने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। घर के बाहर लगे ताले को खोलवाकर अंदर बंद दो महिलाओं को बाहर निकाला।
इस संबंध में राजू रतन पाल का कहना है कि उसका परिवार उसी मकान में रहता है। हम लोग अयोध्या दर्शन के लिये गये थे। आठ जनवरी को सुबह 10 बजे वापस आये तो देखा कि मेरे घर के पीछे का ताला टूटा हुआ है। घर का कीमती जेवर व सामान आदि पड़ोसी राधेश्याम उर्फ अस्पताली के मकान के बरामदे में सामान रखा हुआ था। उसके परिवार के लोगों से पूछने पर अभद्रता करने लगे।
नौ जनवरी को सुबह पांच बजे उन लोगों ने अपनी छत से ईंट पत्थर फेकने लगे। किसी तरह से वहां से भाग कर लोगों ने अपनी जान बचाई। सूचना देने पर पुलिस पहुंची और सभी लोगों को अपने साथ कोतवाली ले गयी। इसके बाद विपक्षी ने घर में बाहर से ताला लगा दिया। घर के अंदर उसकी बहन और बेटी रह गई। बुधवार को पीड़ित एसडीएम सदर के पास पहुंचा।
एसडीएम ने कोतवाली पुलिस को तत्काल ताला खोलवाने का निर्देश देकर अभियोग दर्ज करने के लिए लिखा लेकिन पुलिस टस से मस नहीं हुई। बृहस्पतिवार को राजूरतन पाल एसपी के सामने पहुंचा। एसपी ने चौकी इंचार्ज सिविल लाइंस को बुलाकर कड़ी फटकार लगाई और तत्काल ताला खोलवाकर यथा स्थिति कायम रखने का निर्देश दिया।