अमरमणि के वकील ने हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई का हवाला देकर मांगा समय
पुलिस ने भी मजिस्ट्रेट और रिसीवर नियुक्त नहीं होने की बात कहकर मांगी तारीख
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। व्यापारी के बेटे के अपहरण केस में नामजद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों को कुर्क करने के मामले में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। कुर्की आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में लंबित अपील की वजह से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने इस केस की सुनवाई के लिए अगली तारीख 30 मार्च तय कर दी है।
न्यायालय ने अपने आदेश में जिक्र किया है कि पूर्व तिथि पर अमरमणि त्रिपाठी की समस्त जिलों में स्थित संपत्तियों की कुर्की के लिए प्रमुख सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश लखनऊ को निर्देश भेजा गया था, जिसमें अमरमणि की संपत्तियों को कुर्क करके रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था, लेकिन इस संबंध में कोई भी प्रपत्र न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
वहीं, पुलिस ने अदालत को रिपोर्ट सौंपकर बताया कि अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई के लिए एक मजिस्ट्रेट व एक रिसीवर नियुक्त किया जाना है। इसके लिए लखनऊ व महाराजगंज के जिला मजिस्ट्रेट को जिलाधिकारी बस्ती ने तीन और 16 मार्च को पत्राचार किया था। लेकिन अभी तक मजिस्ट्रेट व रिसीवर नियुक्त नहीं होने की वजह से कुर्की की कार्रवाई नहीं की जा सकी है। ऐसे में अतिरिक्त समय प्रदान किया जाए।
उधर, अमरमणि त्रिपाठी के अधिवक्ता की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि न्यायालय से जारी एनबीडब्ल्यू आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की गई है। इसकी सुनवाई बुधवार को चल रही है। इस मामले में उच्च न्यायाल के आदेश का इंतजार किया जाना चाहिए। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 30 मार्च तय कर दी।
बता दें कि छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। इस मामले में कोतवाली थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में अमरमणि त्रिपाठी समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया था। आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से अपहृत बालक मिला था, वह अमरमणि का था।