बस्ती। जिले के 23 वर्षीय युवा धावक रुद्र प्रताप इन दिनों मुफलिसी की मार झेल रहे हैं। इस युवा ने 2020 में चंडीगढ़ में आयोजित टफ मैन प्रतियोगिता में 3 घंटे में 38 किमी दौड़ कर प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया था।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्थान हासिल करने के बाद उन्होंने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के आईडीबीआई फेडरल मैराथन में प्रतिभाग किया। यहां 3.40 घंटे में 42 किमी दौड़े। इसके बाद उन्हें चंडीगढ़ में 100 किमी मैराथन का मौका मिला। यहां उन्हें टफ मैन का खिताब मिला। इन दिनों वह मैराथन की तैयारी तो कर रहे हैं, मगर मुफलिसी में। यह एथलीट रात में गार्ड की ड्यूटी निभाता है। यहीं वह पढ़ाई भी करते हैं, जबकि सुबह वे मैदान में होते हैं। उनका लक्ष्य मैराथन तक पहुंचने की है।
सामान्य परिवार में जन्मे 23 वर्षीय रुद्र प्रताप के पिता जय कृष्ण प्रताप किसान हैं। बचपन से ही खेलकूद में अव्वल रहने वाले रुद्र प्रताप का नाम पहली बार वर्ष 2019 में तब आया जब वह जिले की मिनी मैराथन प्रतियोगिता में छह किमी दौड़े। यहीं से उनके मन में लंबी दूरी की दौड़ का बीज रोपित हुआ। अब यह बीज पौधे का रूप ले रहा है। दो फरवरी 2020 को पहली बार चंडीगढ़ में आयोजित टफ मैन प्रतियोगिता में रुद्र ने कमाल दिखाया और इस प्रतियोगिता में 38 किमी दौड़ मात्र तीन घंटे में पूरी कर दूसरा स्थान हासिल किया। उन्हें टफमैन का खिताब मिला।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की आईडीबीआई फेडरल मैराथन में प्रतिभाग किया। एथलीट काे समर्पित रुद्र इन दिनों आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कहते हैं कि उनके परिवार में कोई कमाऊ सदस्य नहीं है। खेती से घर का गुजारा चलता है। ऐसे में उन्हें धन की जरूरत है। इसी जरूरत को पूरी करने के लिए गार्ड की नौकरी ज्वाइन की है। कहते हैं कि नाइट ड्यूटी के खाली समय में पढ़ाई करते हैं। सुबह वे दिनचर्या के बाद मैदान में जाकर प्रैक्टिस करते हैं।
वे कहते हैं कि अल्ट्रा मैराथन प्रतियोगिता में प्रवेश के लिए वह पूरी ऊर्जा से जुटे हैं।
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रुद्र लांग रेसर हैं। यह संज्ञान में है, मगर कभी उसने कोई चर्चा नहीं की। न तो कोई आवेदन ही दिया। यदि वह आवेदन देते तो उस पर विचार के लिए शासन को भेजा जाता। स्थानीय स्तर पर जो सहयोग होता है उन्हें दिया जाता।
-संजय शर्मा, जिला क्रीड़ाधिकारी