सीआईएससीई की 10वीं में 98.17 फीसदी अंकों के साथ अस्मित बने जिला टॉपर
बस्ती। सीआईएससीई की 10वीं परीक्षा का परिणाम रविवार शाम करीब पांच घोषित किया गया। इसमें 98.17 प्रतिशत अंक लाकर अस्मित श्रीवास्तव जिला टॉपर बने हैं। फलस्वरूप अस्मित के घर में रविवार शाम से ही बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।
उल्लेखनीय है कि परीक्षा में जिले के 291 छात्रों हिस्सा लिया था। परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। जिले में सीआईएससीई की ओर से महज एक स्कूल सेंट बेसिल्स संचालित किया जा रहा है। रविवार को आए हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में शत प्रतिशत छात्रों ने सफलता अर्जित किया। प्रधानाचार्य फादर साजी पॉल ने बताया कि दूसरे स्थान पर आकांक्षा सिंह ने 97.67 प्रतिशत, तीसरे पर रिचा चौधरी और कुशाग्र श्रीवास्तव 97.50 प्रतिशत, चौथे पर साइमा सलीम ने 97.33 प्रतिशत, पांचवें पर रितिका गुप्ता ने 97.17 प्रतिशत, छठे पर पैट्रिक स्टीव, सातवें पर दीक्षा यादव और अखिल ने 96.67 प्रतिशत, आठवें पर फलक नाज ने 96 प्रतिशत, नौवें पर अयान ने 95.83 प्रतिशत और दसवें पर आयुष सोनी व अंशिका ने 96.67 प्रतिशत अंक प्राप्त किया।
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बोले जिला टॉपर, समय से ध्यानपूर्वक पढ़ाई करने से मिली सफलता
गुरुजनों व माता पिता को दिया सफलता का श्रेय
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सीआईएससीई द्वारा संचालित जिले का एकमात्र सेंट बेसिल्स स्कूल के हाईस्कूल की परीक्षा में शहर के मालवीय रोड निवासी अस्मित श्रीवास्तव को प्रथम, आंकाक्षा सिंह को द्वितीय जबकि ऋचा चौधरी को तीसरा स्थान मिला है। मेधावियों ने बताया कि लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर पढ़ाई करने से यह कामयाबी मिली है। सभी ने गुरुजनों व परिजनों को असफलता का श्रेय दिया है।
मेधावी बच्चों ने कहा
पांच छह घंटे स्कूल की पढ़ाई से मिली सफलता: अस्मित
शहर के मालवीय रोड निवासी शिक्षक अशोक श्रीवास्तव व श्वेता के पुत्र अस्मित श्रीवास्तव ने कहा कि वह पांच छह घंटे स्कूल की पढ़ाई के बाद घर पर भी तीन घंटे पढ़ाई करते थे। कहा कि सफलता के लिए लगन व मेहनत दोनों जरूरी है। स्कूल के अलावा कहीं कोचिंग आदि नहीं की, क्योंकि स्कूल में ही सब कुछ शिक्षक समझा देते थे। मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई की सामग्री के लिए ही करते हैं। बताया कि उनका लक्ष्य आईआईटी है।
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लक्ष्य हासिल करने के लिए एकाग्रता जरूरी : आकांक्षा
सीआईएससीई की 10वीं परीक्षा में जिले की द्वितीय टॉपर आकांक्षा सिंह के पिता अमित कुमार फार्मा कंपनी में अधिकारी हैं जबकि माता नूतन कुमारी गृहिणी। आकांक्षा ने कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए पढ़ाई में एकाग्रता जरूरी है। इसी को लक्ष्य बनाकर हाईस्कूल में स्थान हासिल किया। वे स्कूल की पढ़ाई के बाद पांच घंटे घर पर भी पढ़ती थीं। कहा कि मेरा लक्ष्य आईएएस बन कर समाज की सेवा करना है।
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मेहनत से ही मिलेगा कोई भी लक्ष्य : ऋचा
शहर के मालवीय रोड की निवासी स्व. राकेश कुमार व रीमा चौधरी की बेटी ऋचा ने जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। कहा कि वे तीन से चार घंटे पढ़ाई करती थीं। स्कूल में पांच छह घंटे लगन व मेहनत से पढ़ाई करने वालों को परीक्षा में सफलता मिल जाती है, मगर पढ़ाई के साथ मनोरंजन भी जरूरी है। कहती हैं कि उनका लक्ष्य आईआईटी करना है। इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी हैं।
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