फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: बिजली कड़कते ही दहल उठा जर्जर भवनों के आसपास रहने वालों का कलेजा

विज्ञापन
विज्ञापन
- जर्जर भवनों में रहने वाले ज्यादातर लोग हैं खतरे से बेफ्रिक
विज्ञापन

- सस्ती किराएदारी और विवाद के कारण नहीं ढहाए जा पा रहे जर्जर मकान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बरसात के मौसम में जर्जर भवनों में रहना जोखिम भरा हो सकता है। शहर में 60 से ज्यादा भवन जर्जर हो चुके हैं। कुछ में नीचे दुकानें और ऊपर मकान हैं। बारिश के समय जब बिजली कड़कती है तो अगल-बगल के लोग कांप उठते हैं, और घरों से बाहर निकल आते हैं, लेकिन इन घरों और दुकानों में रहने वाले लोग बेफिक्र हैं।
गांधीनगर के एक मकान में रहने वाले सस्ती किराएदारी को लेकर जान जोखिम में डाले हुए हैं। मकान तकनीकी रूप से नगर पालिका की सूची में ध्वस्तीकरण योग्य हो चुके हैं। मगर करीब 10 लोग इसमें दुकान चला रहे हैं, जबकि इतने ही लोग इसमें किराए पर रहते हैं। ज्यादातर घरों और दुकानों में किराएदारी को लेकर विवाद है। यह विवाद लंबे समय से है। कम किराया होने के चलते इनमें रहने वाले लोग घरों को खाली नहीं करना चाहते हैं, लेकिन इन घरों के पड़ोसी परेशान हैं। अगर घर गिरे तो नुकसान उनकी छतों को भी होगा।
विज्ञापन

गांधीनगर के पड़ोसियों का कहना है बरसात के मौसम में रात में तेज हवा चलने व बिजली कड़कने पर हम लोग परिवार के साथ बाहर निकल आते हैं। नगर पालिका इन भवनों के मालिक को नोटिस देकर भूल जाती है, जबकि प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
-
शहर में तमाम जगहों पर जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं भवन
शहर के गांधी नगर चौराहे के बीच में ही एक जर्जर भवन में करीब 10 से 12 दुकानें हैं। यह लोग बेफिक्री से व्यापार कर रहे हैं। उनका कहना है कि मकान ऊपर से दिखने में जर्जर है, जबकि नींव इसकी बहुत मजबूत है। उन्हें किसी प्रकार का डर नहीं लगता। यही हाल ओरीजोत मोड़, गांधी नगर के दो अन्य आवास व दुकान, पुरानी बस्ती के मंगल बाजार का है। नॉर्मल स्कूल बिल्डिंग, आबकारी विभाग के पास एक भवन, कटरा में एक भवन जर्जर है।
विज्ञापन

-
वर्जन-
नगर पालिका अपने जर्जर भवनों को गिराने के लिए जिम्मेदार है। जर्जर हो चुके निजी भवनों पर तहसील से कार्रवाई की जाती है। नगर पालिका नोटिस देकर अनुरोध कर सकती, लेकिन किसी की निजी संपत्ति ढहा नहीं सकती है।
-सत्येंद्र सिंह, प्रभारी ईओ नगर पालिका/एसडीएम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें