बस्ती। जिन शस्त्र लाइसेंसियों पर हत्या, हत्या की कोशिश, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर के केस चल रहे हैं, उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इसके लिए पुलिस को विशेष अभियान चलाने के निर्देश डीएम अंद्रा वामसी ने दिए हैं। डीएम ने कहा कि कानून-व्यवस्था को देखते हुए ऐसा करना जरूरी है। जिले में ऐसे करीब 100 शस्त्र लाइसेंसी हैं, जिन पर हत्या, हत्या की कोशिश, गुंडा एक्ट या गैंगस्टर एक्ट के केस चल रहे हैं।
जिले मे करीब 7240 शस्त्र लाइसेंसी हैं। जिनके पास सिंगल बैरल 12 बोर, डबल बोर 12 बोर, राइफल 315 बोर, रिवाल्वर-पिस्टल आदि शस्त्र मौजूद हैं। इसमें कई जनप्रतिनिधि, व्यापारी व रसूख वाले लाेग हैं। कई दबंग किस्म के लोगों के पास भी लाइसेंसी शस्त्र हैं। इनमें करीब 800 लाइसेंसी ऐसे हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक धाराओं में केस दर्ज है। विवाद होने पर इनके विपक्षी सबसे पहले इस बात की शिकायत करते हैं कि आरोपी लाइसेंसी शस्त्र से धमकी दे रहा है। इस तरह की लगातार शिकायतें आने के बाद डीएम ने कार्रवाई का मन बनाया है।
...
पहले भी निरस्त किए गए थे 26 लाइसेंस
भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने आर्म्स (एमेडमेंट) एक्ट-1959 में संशोधन करते हुए एक व्यक्ति के पास अधिकतम दो लाइसेंसी शस्त्र रखने का आदेश जारी किया था। इस पर उत्तर प्रदेश शासन के गृह मंत्रालय ने सभी लाइसेंस प्राधिकारियों/जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन लाइसेंसियों के पास तीन शस्त्र हैं, वह अपना तीसरा शस्त्र अवश्य जमा अथवा सरेंडर कर दें। तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट आशुतोष निरंजन ने जिले के 26 लाइसेंसियों का लाइसेंस निरस्त कर दिया था।
...
एफआईआर होते ही भेजी जाती है रिपोर्ट
हत्या, हत्या की कोशिश, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर की कार्रवाई होने के बाद पुलिस की तरफ से जिला मजिस्ट्रेट के शस्त्र अनुभाग को रिपोर्ट भेजी जाती है, जिसमें बताया जाता है कि इस लाइसेंसी के खिलाफ अमुक थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। कई बार एसपी के अनुरोध पर उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए जाते हैं। मगर, कुछ मामलों में आरोप से मुक्त होने या अन्य वजह से निरस्तीकरण की कार्रवाई नहीं हो पाती है। इस अभियान में उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।