अमरमणि त्रिपाठी केस : एमपी-एमएलए न्यायालय में गुमनाम पत्र भेजकर दी गई है जानकारी
- न्यायालय ने आरोपी की सभी संपत्तियों को कुर्क करने का दिया है आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। व्यापारी पुत्र राहुल मद्धेशिया अपहरण केस के आरोपी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के मामले में गुमनाम पत्र सामने आने के बाद पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। उनकी गोरखपुर में स्थित संपत्तियों के बारे में गोरखपुर विकास प्राधिकरण व राजस्व विभाग से लिखा-पढ़ी कर पुलिस पता लगाने में जुटी है। इससे पहले भी पुलिस ने गोरखपुर में अमरमणि त्रिपाठी की संपत्ति के बारे में छानबीन कर चुकी है, लेकिन गोरखपुर का मकान अमरमणि त्रिपाठी के नाम पर नहीं पाया गया था। मगर, न्यायालय में पहुंचे गुमनाम पत्र में संपत्ति होने की बात कही गई है। 15 मई को केस की अगली सुनवाई है।
एमपी एमएलए फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में अपहरण केस की सुनवाई चल रही है। लगातार न्यायालय से गैर हाजिर रहने की दशा में न्यायालय ने आरोपी पूर्वमं त्री अमरमणि त्रिपाठी की सभी संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था। इसके तहत पुलिस ने जनपद महराजगंज और लखनऊ में अमरमणि की संपत्ति पाए जाने की रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी। दोनों संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू हुई। इस क्रम में कोतवाली पुलिस ने 13 अप्रैल को महराजगंज जनपद में इनके नौतनवा स्थित आवास को कुर्क किया था।
30 अप्रैल को इसकी रिपोर्ट न्यायालय में पेश भी की गई, जबकि उनके लखनऊ स्थित संपत्ति की कुर्की के लिए पुलिस ने मोहलत की अर्जी लगा दी। न्यायालय ने 15 मई की तारीख निश्चित करते हुए तब तक पुलिस को कुर्की के लिए समय तो दे दिया मगर न्यायाधीश ने न्यायालय में गोपनीय पत्र प्राप्त होने का जिक्र किया। कोतवाली पुलिस को आदेश दिया कि गुमनाम पत्र में बताई गई संपत्तियों की जांच करके यदि गोरखपुर में भी आरोपी अमरमणि की संपत्ति पाई जाए तो उसे भी कुर्क किया जाए। इस आदेश के बाद सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस ने लिखापढ़ी शुरू की है।
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इन संपत्तियों की गोपनीय पत्र में चर्चा
- गोपनीय पत्र में अमरमणि त्रिपाठी की अन्य संपत्तियों में गोरखपुर के बबीना रोड, दुर्गाबाड़ी एवं सूरज कुंड रोड पर मकान बताया गया है। पुलिस गोपनीय पत्र में उल्लेखित इन संपत्तियों की जांच करेगी। यदि यह आरोपी अमरमणि त्रिपाठी के नाम पाई जाएगी तो उसे भी कुर्क की जाएगी।