डिलीवरी कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुदरहा पर हुआ विवाद
डायल 112 की टीम ने खोलवाया ताला, काफी देर तक चला हंगामा
संवाद न्यूज एजेंसी
गायघाट (बस्ती)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुदरहा में मंगलवार को प्रसव कराने के लिए एएनएम और स्टाॅफ नर्स के बीच विवाद हो गया। स्टॉफ नर्स से नाराज एएनएम ने महिला, नवजात समेत तीमारदारों को महिला वार्ड में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया और खुद बाहर कुर्सी लगाकर बैठ गई। करीब ढाई घंटे तक महिला परिजनों के साथ वार्ड में बंद रही।
परिजनों ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ताला खोलवाया उन्हें बाहर निकलवाया। कुदरहा पीएचसी पर उस समय नाटकीय घटनाक्रम सामने आया जब यहां तैनात एक स्टॉफ नर्स ने गर्भवती की डिलीवरी कराई। हुआ यह कि कुदरहा ब्लॉक के पियारेपुर निवासी रविंद्र की पत्नी गुंजा को प्रसव पीड़ा के दौरान सुबह 11 बजे पीएचसी पर लाया गया। उन्हें स्टाॅफ नर्स मंजू की देखरेख में भर्ती करा दिया गया। दोपहर दो बजे स्टाॅफ नर्स मंजू की ड्यूटी खत्म हो गई। इसके बाद एएनएम विनोद सिंह की ड्यूटी शुरू हो गई। मगर, गर्भवती के परिजनों ने स्टाॅफ नर्स मंजू को डिलीवरी कराकर जाने का अनुरोध कर रोक लिया।
उधर, लेबर रूम में एएनएम विनोद सिंह एक अन्य महिला का प्रसव करा रही थीं। दर्द से कराहती महिला का आवाज सुनकर गुंजा डर गई। उनकी देखरेख कर रही स्टाॅफ नर्स मंजू ने महिला वार्ड में ही प्रसव करा दिया। इसकी जानकारी जैसे ही एएनएम विनोद सिंह को हुई वह महिला वार्ड में पहुंचकर स्टाॅफ नर्स मंजू और तीमारदारों पर भड़क उठी। खरी-खोटी सुनाते हुए उन्होंने महिला वार्ड का दरवाजा बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। वार्ड के बाहर खुद कुर्सी लगाकर बैठ गई।
वार्ड के भीतर महिला, नवजात और तीमारदार परेशान होते रहे। गर्मी से परेशान होकर लोग चिल्लाने लगे। मगर, एएनएम ने दरवाजा नहीं खोला। परिजनों ने मजबूर होकर डायल 112 पर इसकी सूचना देनी पड़ी। कुछ देर बाद पहुंची पुलिस ने ताला खोलवाया। करीब ढाई घंटे तक महिला और उनके परिजन वार्ड में बंद रहे। बाद में प्रभारी एमओआईसी डॉ. अश्विनी यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से वार्ता कर मामला रफा-दफा कराया।