बभनान (बस्ती)। गौर क्षेत्र में मेंहदिया रामदत्त में वृद्ध पर हमला करके मार डालने वाला जानवर अभी भी क्षेत्र में भ्रमण कर रहा है। रविवार को वहां से एक किलोमीटर दूर किशुनपुर, डेंगरहा गांव में भी उसके पद चिह्न मिले हैं। मगर वन विभाग अभी तक तय नहीं कर पाया कि वह जानवर कौन सा था। इससे क्षेत्र के लोगाें में दहशत है। वन विभाग का कहना है कि जो निशान मिले हैं, उससे लगता है कि वह जानवर डाॅग फैमिली का है, जिसमें जंगली भेड़िया, गीदड़, लकड़बग्धा आदि आते हैं।
उधर, वन विभाग की टीम उसी दिन से गांव में डेरा डाले हुए है। राम नगर रेंजर सोनल वर्मा ने बताया कि कांबिंग के दौरान शनिवार को जो जंगली जानवर के पद चिह्न पाए गए थे वह डाॅग फैमिली के थे, न कि तेंदुए के हैं। यदि क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी होती तो निश्चित तौर पर वह अन्य किसी जानवर पर हमला करता, या उसके मल मिलते। रविवार की सुबह डेगंरहा गांव में भी जानवर के पद चिह्न देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। बाद में वहां भी वन विभाग की टीम पहुंची व उनके पद चिह्न देखे।
यह थी घटना
गौर थाना क्षेत्र के मेहदिया राम दत्त गांव निवासी 60 वर्षीय मुनौवर हुसैन शुक्रवार को दोपहर करीब 12:30 बजे पैदल ही छाता लेकर बगल के गांव मेहंदिया खड़्ग बहादुर शाही मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहे थे। एक घंटे बाद उनके घर से लगभग सात सौ मीटर आगे खड़ंजे के किनारे खून से सना उसका शव पड़ा मिला था। दिवंगत के चेहरे व गर्दन पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। अंदाजा लगाया गया कि किसी जंगली जानवर ने उसके गर्दन पर हमला कर उसे मार डाला। ग्रामीणों का कहना था कि कुछ दिन पूर्व टिनिच क्षेत्र के एक गांव के आसपास तेंदुआ जैसा जानवर दिखाई पड़ा था। ग्रामीण अंदाजा लगा रहे हैं कि तेंदुए ने ही मनौवर पर हमला किया। मौके पर पहुंचे परिजन ने शव को घर उठा ले गए थे।
पोस्टमार्टम कराते तो लग जाता पता
माना जा रहा है कि अगर मुनव्वर हुसैन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया होता तो इस रहस्य से जरूर पर्दा उठ गया होता कि हमला करने वाला जानवर कौन साथ था। मगर परिवार के लोगों के आग्रह पर पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के ही शव परिवार के लोगों को सौंप दिया था। जिसे परिवार के लोगों ने परंपरा के हिसाब से दफन कर दिया।