बस्ती। एडीएम कमलेश चंद्र ने रुधौली तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस पर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। हाजिरी शून्य करने से खफा ग्राम पंचायत बाघाडीहा के मनरेगा श्रमिकों ने धरना प्रदर्शन कर एडीएम को ज्ञापन दिया। उल्लेखनीय है कि बाघाडीहा के रोजगार सेवक ने मनरेगा श्रमिकों की 15 दिनों की हाजिरी को शून्य कर दिया था। इसकी शिकायत प्रधान ने बीडीओ से भी की थी।
श्रमिकों ने बताया कि ग्राम पंचायत में चार परियोजना के तहत करीब 145 मजदूरों ने 15-15 दिनों तक काम किया है। इसकी ऑनलाइन हाजिरी महिला मेट ने लगाई थी। रोजगार सेवक प्रमोद कुमार ने द्वेषभाव से सभी की हाजिरी शून्य कर दी। इससे उनकी मजदूरी फंस गई है। श्रमिक रामकेवल, अदालती, विजय कुमार, सीतापति, समुद्रा, राजपति, शशिकला, संतराम, ज्ञानमती, श्रीमती, रामदेव, राजकुमार, विजयसेन, विजय यादव, लखपति, प्रेमा, इंद्रावती, रामभवन आदि ने एडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। समाधान दिवस में एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, एसडीएम अतुल आनंद, तहसीलदार केसरी नंदन त्रिपाठी, मनोज कुमार, विजय आनं, शैलेश कुमार आदि मौजूद रहे।
-
शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता क्षम्य नहीं: मंडलायुक्त
बस्ती। संपूर्ण समाधान दिवस पर मंडलायुक्त अखिलेश सिंह और आईजी आरके भारद्वाज अचानक हर्रैया तहसील पहुंचे। फरियादियों से वार्ता कर उनकी समस्याएं और निस्तारण के बारे में फीडबैक लिया। अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। मौके पर जाकर शिकायतों को निस्तारण करें। फरियादियों की बातें गंभीरता से सुनीं जाएं। डीएम प्रियंका निरंजन ने समाधान दिवस पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि धारा-24 और 44 के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। समाधान दिवस में 73 मामले आए, जिसमें 16 का ही मौके पर निस्तारण किया गया। मौके पर एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी, सीडीओ डाॅ. राजेश कुमार प्रजापति, एसडीएम गुलाब चंद्र, सीओ शेषमणि उपाध्याय आदि मौजूद रहे।