जम्मू के काजीगुंड स्थित सीआरपीएफ कैंप में शरणार्थी बनकर रह रहे जिले से अमरनाथ यात्रा पर गए लोग
बस्ती। जिले के 11 यात्रियों की अमरनाथ से लौटते समय काजीगुंड में यात्रा रोक दी गई। कारण तेज बारिश के चलते रामबन जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग बहने के कारण बस को रोक दिया गया। पिछले 36 घंटे से यह यात्री वहीं हैं। इधर शनिवार को जिले के सीआरपी में तैनात कमांडेट धर्मेंद्र से वार्ता के बाद यात्रियों को 163 सीआरपीएफ के कमांडेंट अजय कुमार ने स्थानीय कैंप में सुरक्षित पहुंचा दिया। यहां सभी को खाना व पानी निशुल्क दिया जा रहा है।
बता दें कि बस्ती से राकेश चंद्र बिन्नू, संदीप गाेयल, विनोद मिश्र सहित 11 लोग तीन जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए निकले थे। चार जुलाई को जम्मू पहुंचे, इसके बाद यहां से पांच जुलाई को यात्री श्रीनगर पहुंच गए। छह जुलाई को बालटाल पहुंचने पर भारी बारिश के चलते 22 जुलाई तक के लिए सभी का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद सात जुलाई को यह लोग सुबह 8 बजे बस से लौटे।
श्रीनगर से 90 किमी दूरी पर स्थित काजीगुंड में गाड़ियों को रोक दिया गया। बताया गया कि रामबन जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग बारिश के चलते बह गया है। दिन भर बस में गुजारने के बाद यात्रियों ने जिले के निवासी सीआरपीएफ कमांडेंट धर्मेंद्र से वार्ता की। इसके बाद रात आठ बजे सीआरपीएफ जवानों ने इन सभी लोगों को सीआरपीएफ कैंप में पहुंचा दिया है।
अमरनाथ यात्री राकेश चंद्र बिन्नू के अनुसार शनिवार की रात करीब 8 बजे सीआरपीएफ के अधिकारियों ने काजीगुंड के कैंप में पहुंचा दिया। कहा कि यहां सभी सुविधाएं हैं। यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। उम्मीद जताई कि संभव है 10 जुलाई को यहां से यात्रियों को कटरा पहुंचा दिया जाएगा।