छह दिसंबर 2001 को हुए अपहरण कांड में न्यायालय ने अमरमणि सहित तीन वांछितों को कई बार गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का आदेश पारित किया, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार करने में नाकाम रही। काफी दिनों तक वह मधुमिता शुक्ला हत्याकांड केस में लखनऊ, गोरखपुर समेत विभिन्न जेलों में बंद रहा। इस दौरान न्यायालय ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को तारीख पर उसे हाजिर करने का निर्देश दिया, लेकिन बीमारी आदि का बहाना बनाकर उसकी पेशी टलती रही। 24 अगस्त को अदालत की ओर से गोरखपुर सीएमओ से मेडिकल बोर्ड गठित कर अमरमणि के स्वास्थ्य की रिपोर्ट मांगी गई थी।
11 सितंबर को सीएमओ स्तर से गठित पांच सदस्यीय बोर्ड की रिपोर्ट में अमरमणि काे अवसाद की बीमारी बताते हुए उसका इलाज राज्य चिकित्सा परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश के अनुसार चलने की बात कही गई थी। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट पर टिप्पणी करते कहा है कि मात्र अवसाद के आधार पर किसी अभियुक्त को कोर्ट आने से अवमुक्त नहीं किया जा सकता। इस पर न्यायालय ने गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को निर्देश दिया था कि 16 अक्तूबर को अमरमणि को पेश करें।